बीएचयू में कोरोना पर नए सिरे से शोध की होगी शुरुआत, आयुष मंत्रालय प्रस्ताव को भेजने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक कोरोना संक्रमण से निपटने के उपाय तलाशने में लगे हैं। बीएचयू के विज्ञान संस्थान ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके लिए नए फार्मूले से शोध को आगे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इम्यून सिस्टम बढ़ाने, प्राकृतिक पौधों की उपयोगिता आदि पर शोध चल रहे हैं।
बीएचयू में विज्ञान संस्थान के विभागों के उन शिक्षकों का एक ग्रुप बनाया जा रहा है जो कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के प्रयासों को जानने में लगे हैं। पिछले दिनों कुछ शिक्षकों द्वारा शोध में प्राकृतिक पौधों के इस्तेमाल को कोरोना संक्रमण से निपटने के उपायों में उपयोगी बताया गया है। अब जबकि संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है तो उसको लेकर नए सिरे से शोध की कवायद चल रही है।
आयुर्वेद के साथ मिलकर कर सकते हैं शोध
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो एके त्रिपाठी के मुताबिक आयुर्वेदिक औषधियों की मांग भी कोरोना काल में बढ़ी है। ऐसे में आयुर्वेद संकाय के साथ मिलकर भी शोध किया जा सकता है। इसमें आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक आधार को देखने की कोशिश की जाएगी। अगर कोई दवा है तो उसका वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्या प्रभाव है। यह भी जानना जरूरी होता है।
विज्ञान संस्थान (बीएचयू) के निदेशक प्रो एके त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के उद्देश्य से शोध करने वाले शिक्षकों को ई-मेल भेज कर उनसे शोध प्रस्ताव का पूरा ब्योरा मांगा गया है। ताकि उनके शोध को आगे बढ़ाया जा सके। कई प्रस्ताव आ भी गए हैं। आयुष मंत्रालय को जल्द ही इसे भेजा जाएगा।