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कोरोना की मार : श्री काशी विश्वनाथ धाम का 50 फीसदी ही हुआ निमार्ण कार्य, संक्रमण काल ने कम की काम की रफ्तार

Wed, 05 May 2021 10:31 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 05 May 2021 10:31 PM IST
सार

मजदूरों की संख्या घटी वहीं निर्माण सामग्री की आवक भी परेशानी का सबब बनी, अगस्त 2021 तक काम पूरा करना कार्यदायी एजेंसी के लिए चुनौती

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Corona kills: 50% work of Shri Kashi Vishwanath Dham, Transition period reduced the speed of work
श्री काशी विश्वनाथ धाम में चल रहा निमार्ण कार्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना संक्रमण से संपूर्ण विश्व के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम का काम भी प्रभावित हुआ है। अगस्त माह में धाम के निर्माण की डेडलाइन तय है, लेकिन कोविड संक्रमण के कारण 50 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। काशी विश्वनाथ धाम गुलाबी स्वरूप अब धीरे-धीरे संवरने लगा है। मंदिर चौक और मंदिर विस्तारीकरण का काम पूर्ण हो चुका है। बालेश्वर और चुनार के पत्थरों की आभा अब सड़क से ही श्रद्धालुओं को दिखने लगी है।

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अगस्त 2021 तक धाम के काम को पूर्ण करने की समय सीमा रखी गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण जहां मजदूरों की संख्या कम हो गई है वहीं निर्माण सामग्री की आवक भी परेशानी का सबब बनी हुई है। दो से तीन शिफ्ट में मजदूरों को लगाकर काम को जल्दी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन मजदूरों की संख्या कम होने के कारण निर्धारित समय में काम पूरा होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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Corona kills: 50% work of Shri Kashi Vishwanath Dham, Transition period reduced the speed of work
निमार्णाधीन विश्वनाथ थाम। - फोटो : अमर उजाला

24 इमारतों पर चल रहा है काम
श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर परिसर से लेकर गंगा घाट तक 24 इमारतों पर काम चल रहा है। इसमें मंदिर परिसर, मंदिर चौक, जलपान केंद्र, गेस्ट हाउस, यात्री सुविधा केंद्र, म्यूजियम, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र, मुमुक्षु भवन अस्पताल का निर्माण अब पूरा होने की तरफ हैं। मंदिर चौक अब सी शेप में दिख रहा है और यहां से सीधे मां गंगा के दर्शन किया जा सकेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि धाम का 50 फीसदी से अधिक काम अब तक पूरा हो चुका है। कोविड संक्रमण के कारण काम की रफ्तार थोड़ी कम हुई है। हमारा प्रयास रहेगा कि अगस्त 2021 तक प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए।

Corona kills: 50% work of Shri Kashi Vishwanath Dham, Transition period reduced the speed of work
निमार्ण कार्य पूरा होने के बाद इस तरह दिखेगा श्री काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला

दो लाख लोग कर सकेंगे दर्शन
काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण होने के बाद दो लाख लोग आसानी से आ सकेंगे। पहले श्रद्धालुओं के खड़े होने के लिए 5000 वर्गफीट की जगह भी नहीं थी। भूकंप और भूस्खलन की स्थिति में भी मुख्य मंदिर परिसर की दीवार की मजबूती को बनाए रखने के लिए पीतल की प्लेटें प्रयोग में लाई जा रही हैं। वी आकार की छह इंच चौड़ी और 18 इंच लंबी 600 ग्राम वजन की पीतल की प्लेटों को पत्थरों से जोडऩे के लिए 12 इंच की गुल्ली लगाई जा रही है। गुल्ली का वजन भी 400 ग्राम के आसपास है। विशेष प्रकार के केमिकल लेपाक्स अल्ट्राफिक्स का इस्तेमाल पीतल और पत्थरों के बीच खाली जगह को भरने के लिए किया जा रहा है।

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सर्वे का काम हो चुका है पूरा
काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के लिए खरीदे गए 300 भवनों में 60 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट है। यहां मणिमाला के मंदिरों के ऐतिहासिक दस्तावेज भी दुनिया के सामने पेश करने की तैयारी है। इन दस्तावेजों को तैयार करने के लिए पुरातत्व विभाग एएसआई भोपाल की टेंपल सर्वे की तीन सदस्यीय टीम ने अपना काम पूरा कर लिया है। परियोजना में मिले प्राचीन मंदिरों का इतिहास, उनकी प्राचीनता, विशेषता के अलावा मंदिरों के निर्माता से जुड़ी जानकारियां श्रद्धालुओं को मिलेंगी।

ललिता घाट पर भी होगा प्रवेश द्वार
धाम में गंगाघाट की ओर से आने के लिए ललिता घाट पर प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा सरस्वती फाटक, नीलकंठ और ढुंढिराज गेट से भी विश्वनाथ धाम में प्रवेश किया जा सकेगा। मंदिर परिसर में गर्भगृह से लगा हुआ बैकुंठ मंदिर, दंडपाणि के साथ तारकेश्वर और रानी भवानी मंदिर रहेगा। इसके अलावा गर्भगृह से लगे बाकी विग्रह को परिसर के पास ही बनाया जाएगा। परिसर में 34 फीट ऊंचाई वाले चार गेट होंगे।
 

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