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कोरोना योद्धा और मृतकों को समर्पित होगा काशी का संगीत
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वाराणसी। हर काल खंड में अपने प्रकाश से दमकने वाली काशी का आकर्षण देश ही नहीं सात समंदर पार भी सर चढ़कर बोलता है। बात जब आती है संगीत की तो बनारस घराने का कोई सानी नहीं है।
कोरोना काल में बनारस घराने के पं. विकास महाराज ने फिर एक नजीर पेश की है। उन्होंने कोरोना योद्धा और कोरोना काल में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को अपनी नई बंदिश समर्पित कर दी है। सरोद, सितार, तबला और बांसुरी पर तैयार बंदिश की धुन दिल को छू लेने वाली है। वैश्विक स्तर पर आठ देशों के कलाकारों के साथ तैयार की गई भारतीय शास्त्रीय संगीत की एलबम का लोकार्पण यूएसए में दिसंबर में किया जाएगा।
खास बात तो यह है कि वैश्विक स्तर पर इस एलबम से होने वाली कमाई को पं. विकास महाराज ने वर्ल्ड फूड आर्गेनाइजेशन को दान देने का निर्णय लिया है। पं. विकास महाराज ने बताया कि वैश्विक महामारी के दौरान संपूर्ण विश्व में कोरोना से लड़ने वाले योद्धाओं और जान गंवाने वालों को मेरी यह नई धुन समर्पित है। सरोद पर राग बिलावल में कहरवां ताल पर निबद्ध बंदिश तैयार हो चुकी है। साथ में सितार पर पं. अभिषेक महाराज, तबले पर पं. प्रभाष महाराज और बांसुरी पर राकेश कुमार ने संगत की है। एलबम में जापान, अमेरिका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया के भी कलाकारों की शास्त्रीय संगीत की धुनों को शामिल किया गया है।
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कोरोना काल में बनारस घराने के पं. विकास महाराज ने फिर एक नजीर पेश की है। उन्होंने कोरोना योद्धा और कोरोना काल में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को अपनी नई बंदिश समर्पित कर दी है। सरोद, सितार, तबला और बांसुरी पर तैयार बंदिश की धुन दिल को छू लेने वाली है। वैश्विक स्तर पर आठ देशों के कलाकारों के साथ तैयार की गई भारतीय शास्त्रीय संगीत की एलबम का लोकार्पण यूएसए में दिसंबर में किया जाएगा।
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खास बात तो यह है कि वैश्विक स्तर पर इस एलबम से होने वाली कमाई को पं. विकास महाराज ने वर्ल्ड फूड आर्गेनाइजेशन को दान देने का निर्णय लिया है। पं. विकास महाराज ने बताया कि वैश्विक महामारी के दौरान संपूर्ण विश्व में कोरोना से लड़ने वाले योद्धाओं और जान गंवाने वालों को मेरी यह नई धुन समर्पित है। सरोद पर राग बिलावल में कहरवां ताल पर निबद्ध बंदिश तैयार हो चुकी है। साथ में सितार पर पं. अभिषेक महाराज, तबले पर पं. प्रभाष महाराज और बांसुरी पर राकेश कुमार ने संगत की है। एलबम में जापान, अमेरिका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया के भी कलाकारों की शास्त्रीय संगीत की धुनों को शामिल किया गया है।
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