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UP Crime: पूर्वांचल में धर्मांतरण कराने वालों का गिरोह सक्रिय, जनवरी से अबतक 28 मुकदमे; 66 गिरफ्तार
Fri, 31 Oct 2025 06:33 PM IST
प्रगति चंद
बीरेंद्र कुमार शुक्ल, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
बीरेंद्र कुमार शुक्ल, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 31 Oct 2025 06:33 PM IST
सार
Jaunpur News: पूर्वांचल में धर्मांतरण कराने वालों का गिरोह सक्रिय है। यहां जनवरी से अबतक धर्मांतरण के मामले में 28 मुकदमे दर्ज हुए। साथ ही 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद धर्मांतरण के खेल का सिलसिला नहीं रुक रहा है।
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धर्मांतरण का खेल (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धर्मांतरण कराने वाले ईसाई मिशनरियों की पूर्वांचल में पैठ गहरी हो रही है। अंधविश्वास और प्रलोभन देकर गरीबों को जाल में फंसाया जा रहा है। जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, मिर्जापुर और बलिया जिले में धर्मांतरण कराने के आरोप में जनवरी से अक्तूबर 2025 तक 66 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 28 मुकदमे दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके बावजूद इनका नेटवर्क नहीं खत्म हो पा रहा है।
पुलिस थानों में दर्ज मुकदमों पर गौर करें तो जौनपुर में इस साल धर्मांतरण कराने पर सात मुकदमे दर्ज कर कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2024 में धर्मांतरण के आरोप में 10 मुकदमे दर्ज कर 68 लोगों को गिरफ्तारी की गई थी, जबकि वर्ष 2023 में 13 मुकदमों में 119 लोगों को गिरफ्तारी हुई थी। इसी तरह आजमगढ़ में इस साल सात मुकदमों में 23 को नामजद किया गया। 18 लोगों को गिरफ्तारी हुई। पिछले साल 12 मुकदमों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मऊ जिले में इस साल दो मामले सामने आए हैं। 02 अगस्त को घोसी कोतवाली क्षेत्र के पवनी गांव में प्रार्थना सभा में पुलिस ने छापा मारा था। यहां 400 से ज्यादा लोग इकट्ठा थे। दो लोग गिरफ्तार किए थे।
मिर्जापुर में धर्मांतरण के 10 मुकदमे में 19 लोगों को, बलिया में 2 मुकदमों में 2 लोगों को और गाजीपुर में दर्ज 2 मुकदमों में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोनभद्र, चंदाैली और भदोही जिलों में इस साल पुलिस रिकार्ड में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ मगर गुपचुप तरीके से यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा है। विहिप व बजरंग दल जैसे संगठन विरोध-प्रदर्शन करते रहते हैं।
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पुलिस थानों में दर्ज मुकदमों पर गौर करें तो जौनपुर में इस साल धर्मांतरण कराने पर सात मुकदमे दर्ज कर कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2024 में धर्मांतरण के आरोप में 10 मुकदमे दर्ज कर 68 लोगों को गिरफ्तारी की गई थी, जबकि वर्ष 2023 में 13 मुकदमों में 119 लोगों को गिरफ्तारी हुई थी। इसी तरह आजमगढ़ में इस साल सात मुकदमों में 23 को नामजद किया गया। 18 लोगों को गिरफ्तारी हुई। पिछले साल 12 मुकदमों में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। मऊ जिले में इस साल दो मामले सामने आए हैं। 02 अगस्त को घोसी कोतवाली क्षेत्र के पवनी गांव में प्रार्थना सभा में पुलिस ने छापा मारा था। यहां 400 से ज्यादा लोग इकट्ठा थे। दो लोग गिरफ्तार किए थे।
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मिर्जापुर में धर्मांतरण के 10 मुकदमे में 19 लोगों को, बलिया में 2 मुकदमों में 2 लोगों को और गाजीपुर में दर्ज 2 मुकदमों में तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सोनभद्र, चंदाैली और भदोही जिलों में इस साल पुलिस रिकार्ड में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ मगर गुपचुप तरीके से यहां धर्मांतरण का खेल चल रहा है। विहिप व बजरंग दल जैसे संगठन विरोध-प्रदर्शन करते रहते हैं।
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मिर्जापुर में पकड़ा जा चुका है बड़ा गिरोह
मिर्जापुर जिले के अहरौरा और लालगंज थाना क्षेत्र में धर्मांतरण के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। 30 सितंबर को अहरौरा क्षेत्र से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस ग्रुप को तमिलनाडु से फंडिंग होती थी। गिरफ्तार देव सहायम डैनियल को जुलाई 2025 में फील्ड इंचार्ज बनाकर यहां भेजा गया था। इससे पहले वह सोनभद्र के मधुपुर में प्रभारी था। वह 80 लोगों का धर्मांतरण करा चुका था। उसके पास से मिली डायरी में करीब 700-800 लोगों के नाम थे, जिनको धर्मांतरित कराना था।
पुलिस की सख्ती के कारण चर्चाें में बंद कर दिए गए ताले
मिर्जापुर जिले के जमालपुर ब्लाॅक के ढेबरा गांव के पश्चिम सिवान में ढेबरा भमौरा गांव के बीच नहर किनारे चर्च है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ महीने तक पहले यहां हर रविवार को प्रार्थना सभाएं होती थीं। पुलिस की सख्ती और देव सहायम डैनियल की गिरफ्तारी के बाद यहां गतिविधियां बंद हैं। इसी तरह अदलहाट के श्रीपुर, इब्राहिमपुर व दौलताबाद में प्रार्थना चर्च पर पिछले साल से ताला बंद है। यहां पर पुलिस की लगातार निगरानी की जा रही है।
चंगाई सभा में चमत्कार बताकर फंसाते हैं भोले-भाले लोगों को
निर्बल, पिछड़े, आदिवासी वर्ग के लोगों को झाड़-फूंक के नाम पर चंगाई प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता है। ईसाई मिशनरी गांव-गांव में अपने प्रचारकों के माध्यम से प्रार्थना सभाएं कराते हैं। लोगों को आर्थिक मदद, प्रलोभन और अंधविश्वास का झांसा देते हैं। अपने मूल धर्म में वापसी कर चुके लोगों के अनुसार, ये बेहद नाटकीय और सुनियोजित ढंग से होता है। सभा में मौजूद इन्हीं के लोग तरह-तरह के दावे करके प्रभु यीशु का गुणगान करते हैं। ये सब देखकर नए लोग चमत्कार मानकर प्रभावित होते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे वह खुद इन सभाओं में जाना शुरु कर देते हैं और अपने परिचितों व परिवार के सदस्यों को भी जोड़े हैं।