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UP: लगातार ड्राइविंग...भारी हेलमेट से सर्वाइकल की समस्या, वाराणसी में रोज 50 मरीज पहुंच रहे अस्पताल; ऐसे बचें

Sun, 30 Nov 2025 12:18 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 30 Nov 2025 12:18 PM IST
सार

वाराणसी में भी सर्वाइकल की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। प्रतिदिन इसके मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, इनमें डिलीवरी बाॅय और मार्केटिंग कर्मचारी ज्यादा हैं। फिजियोथेरेपी से उनके दर्द को राहत पहुंचाई जा रही है।

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Continuous driving heavy helmets cause cervical problems 50 patients reaching hospital daily in Varanasi
फिजियोथेरेपी करते डाॅक्टर। - फोटो : संवाद

विस्तार

Varanasi News: जिले में लगातार सड़क पर घंटों ड्राइविंग करने वालों में सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। मंडलीय और जिला अस्पताल में रोज 50 मरीज डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा वे लोग शामिल हैं जो रोज लंबे समय तक दोपहिया वाहन चलाते हैं। इनमें डिलीवरी एजेंट, मार्केटिंग कर्मचारी, सेल्समैन और निजी कंपनियों में फील्ड पर काम करने वाले लोग शामिल हैं। 

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दीनदयाल अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट विनय कुमार तिवारी के मुताबिक, दिन भर गले और कंधे पर दबाव झेलने के कारण सर्वाइकल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारी हेलमेट से भी इस प्रकार की समस्या आ रही है। कई लोग स्टाइलिश या मोटे हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं, जो वजन में ज्यादा होते हैं और रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। ऐसे में लंबे समय तक लगातार ड्राइविंग करने वालों में गर्दन में खिंचाव, दर्द और नसों पर दबाव की समस्या बढ़ जाती है।
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 चिकित्सक बताते हैं कि डिलीवरी बॉय या मार्केटिंग स्टाफ दिनभर सड़क पर रहते हैं। कई बार उन्हें 8 से 10 घंटे तक लगातार दोपहिया वाहन चलाना पड़ता है। ट्रैफिक जाम, उबड़–खाबड़ सड़कें और गाड़ी चलाते समय फोन कॉल या जीपीएस देखने की आदत उनकी गर्दन की स्थिति को और खराब कर देती हैं। सर्वाइकल दर्द के साथ ही हाथ सुन्न पड़ना, सिरदर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएं भी आम हो चुकी हैं।

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बचाव के तरीके

  • हल्के हेलमेट का ही उपयोग करें।
  • 30-40 मिनट के बाद ब्रेक लें।
  • शरीर की मुद्रा सीधी रखें, मोबाइल या जीपीएस नीचे झुककर न देखें।
  • रोज 10-15 मिनट गर्दन के स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज करें।
  • लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर गर्दन की पोजीशन बदलते रहें।
  • बेहद ऊंचा तकिया न इस्तेमाल करें। 
  • दर्द बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

सर्वाइकल के लक्षण

  • गर्दन में लगातार दर्द या जकड़न 
  • कंधों से हाथों तक झनझनाहट 
  • सिरदर्द, खासकर गर्दन की तरफ
  • हाथों में कमजोरी का अहसास
  • गर्दन घुमाने पर दर्द 
  • मोबाइल या लैपटॉप लंबे समय तक उपयोग करने पर दर्द बढ़ना

सर्वाइकल अब आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन समय पर इलाज और जीवन शैली में छोटे बदलाव इसे बढ़ने से रोक सकते हैं। लक्षणों को हल्का समझकर अनदेखा करना गंभीर परिणाम दे सकता है। इसके लक्षण दिखते ही तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. प्रेम प्रकाश, आर्थो सर्जन एवं एमएस, दीनदयाल अस्पताल।

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