स्मार्ट मीटर लगवाने वालों के पास नहीं आ रहा बिजली बिल, सामने आई ये बड़ी वजह
दरअसल, स्मार्ट मीटर का सॉफ्टवेयर बिजली विभाग के सिस्टम पर नहीं चढ़ रहा है। जिसके चलते स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी बिल जारी नहीं हो पा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के लिए पुराने मीटर को उपभोक्ता के घर से हटाने के साथ उसमें अंकित यूनिट को स्मार्ट मीटर में डालना पड़ता है।
इसके लिए मीटर विभाग के निचले स्तर के अधिकारी से लेकर एक्सईएन तक को अपनी रिपोर्ट लगानी पड़ती है। इसके बाद पुराने मीटर की अंतिम यूनिट स्मार्ट मीटर में दर्ज की जाती है। मौके पर मीटर तो चालू हो जाता है। बिल नहीं आने पर उपभोक्ता को पता चलता है कि स्मार्ट मीटर के चलते उसका बिल नहीं आ रहा है। इसे दुरुस्त करने के लिए पुन: यही प्रक्रिया दोबारा अपनाई जाती है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के के. बालाजी ने बताया कि बनारस, गोरखपुर और प्रयागराज में 16 हजार स्मार्ट मीटर में सॉफ्टवेयर के मिसमैच की समस्या है। कुछ स्मार्ट मीटर का सॉफ्टवेयर हमारे सिस्टम पर नहीं आने से बिल जारी नहीं हो पा रहे हैं। समाधान के लिए एलएंडटी के अधिकारियों को बोला गया है। दिसंबर तक मीटर की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
केस वन
दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगाया या है। अब तक एक बार भी बिल नहीं आया है। पहले हर महीने बिल आता था तो हर महीने जमा कर देते थे। अब इकट्ठा बिल आएगा तो दिक्कत होगी। उपकेंद्र पर गए तो बताया गया जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
केके राय, महमूरगंज
केस टू
स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए काफी हल्ला मचाया गया। जब मीटर लगवा लिया तो बिल नहीं आ रहा है। अचानक हजारों रुपये का बिल आएगा तो भरने में परेशानी होगी। उपकेंद्र वाले सही जवाब नहीं दिए। 1912 पर शिकायत दर्ज कराई है।
विकास कुमार, काशी विद्यापीठ रोड।