सिपाही भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ाः महाराजगंज में तैनात सिपाही निकला सूत्रधार
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सिपाही भर्ती परीक्षा-2018 के फर्जीवाड़े का सूत्रधार महाराजगंज जिले में तैनात सिपाही अमित यादव निकला। बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना के लीलकार निवासी अमित यादव ने अभ्यर्थियों को साल्वर गैंग और टीसीएस कंपनी के कर्मियों से मुलाकात कराई थी और पांच लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा कराया था। यह खुलासा पुलिस ने मंगलवार को सिपाही अमित के एजेंट बिहार के सीवान निवासी विवेक कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर किया गया।
विवेक के साथ भर्ती परीक्षा का अभ्यर्थी बलिया के सिकंदरपुर थाना के रहिलापाली का शंकर यादव भी गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से डेढ़ लाख रुपये, सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रवेश पत्र, दो एटीएम और तीन मोबाइल बरामद हुए। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से वह जेल भेज दिए गए।
क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल के इंस्पेक्टर अमित कुमार के अनुसार, सिपाही अमित के कहने पर अभ्यर्थी शंकर को लेकर एजेंट विवेक बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के लिए आया था। वेरिफिकेशन के लिए डेढ़ लाख रुपये टीसीएस कंपनी के कर्मचारी प्रदीप कुमार भारद्वाज को देने थे। जब विवेक को पता लगा कि प्रदीप जेल भेज दिया गया है तो दोनों पुलिस लाइन से वापस लौट रहे थे। इसकी सूचना मिली तो दोनों को पुलिस लाइन परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया।
सिपाही भर्ती परीक्षा की लिखित ऑनलाइन परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन इन दिनों पुलिस लाइन में हो रहा है। बीती 14 दिसंबर को पुलिस की जानकारी में आया था कि अभ्यर्थियों का फर्जी तरीके से बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन टीसीएस कंपनी का कर्मचारी प्रदीप कर रहा है। प्रकरण की जांच एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद की निगरानी में क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल कर रही है।
पटना से आए मुन्ना भाइयों ने दी थी लिखित परीक्षा
पूछताछ में विवेक ने बताया कि सिपाही अमित ने चार अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। हरिओम का परीक्षा केंद्र वाराणसी और शंकर यादव सहित तीन अन्य अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र गोरखपुर था। पटना में पढ़ने वाले मुन्नी, फुल्लन और राजेश सहित अन्य परीक्षा देने बनारस और गोरखपुर आए थे।
15 दिसंबर को सिपाही अमित ने फोन कर कहा था कि शंकर का बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन होना है, इसलिए 17 दिसंबर को बनारस पुलिस लाइन जाकर टीसीएस कंपनी के कर्मचारी प्रदीप को डेढ़ लाख रुपये दे देना। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि लिखित परीक्षा देने वाले मुन्ना भाइयों को पकड़ने के लिए एक टीम पटना रवाना की गई है। सिपाही अमित के संबंध में महाराजगंज जिले के पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी।