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राफेल डील शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला, कांग्रेस सत्ता में आई तो कराई जाएगी जांच : आनंद शर्मा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:47 PM IST
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बनारस में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा
- फोटो : amar ujala
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बनारस पहुंचे कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने कहा कि राफेल डील शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला है। यूपीए सरकार में तय हुई विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये से बढ़कर 1670 करोड़ रुपये हो गई। बावजूद इसके प्रधानमंत्री सदन में इस पर जवाब देने से बच रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह भाजपा पर आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि हकीकत बता रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की विदाई तय है। हमारी सरकारी आई तो राफेल डील और नोटबंदी की राष्ट्रीय आयोग बनाकर जांच कराई जाएगी।
राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष आनंद शर्मा बुधवार को प्रेसवार्ता में राफेल डील पर शहर के मिंट हाउस स्थित होटल में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में राफेल डील फाइनल की गई थी। एक विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये थी जो पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार में बढ़कर 1670 करोड़ रुपये हो गई।
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आनंद शर्मा ने दावा करते हुए कहा कि फ्रांस सरकार ने यह रिपोर्ट दी है कि भारत के अतिरिक्त मिस्त्र व कतर को भी यह विमान बेचे गये हैं। मिस्त्र व कतर को 1330 करोड़ में प्रति विमान बेचे गये हैं जबकि भारत को यही विमान 1670 करोड़ रुपये में मिले हैं।
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कांग्रेस नेता ने कहा कि वह भाजपा पर आरोप नहीं लगा रहे हैं बल्कि हकीकत बता रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की विदाई तय है। हमारी सरकारी आई तो राफेल डील और नोटबंदी की राष्ट्रीय आयोग बनाकर जांच कराई जाएगी।
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राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष आनंद शर्मा बुधवार को प्रेसवार्ता में राफेल डील पर शहर के मिंट हाउस स्थित होटल में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में राफेल डील फाइनल की गई थी। एक विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये थी जो पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार में बढ़कर 1670 करोड़ रुपये हो गई।
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आनंद शर्मा ने दावा करते हुए कहा कि फ्रांस सरकार ने यह रिपोर्ट दी है कि भारत के अतिरिक्त मिस्त्र व कतर को भी यह विमान बेचे गये हैं। मिस्त्र व कतर को 1330 करोड़ में प्रति विमान बेचे गये हैं जबकि भारत को यही विमान 1670 करोड़ रुपये में मिले हैं।
जवाब देने से बच रही केंद्र सरकार
आनंद शर्मा
- फोटो : file photo
वायुसेना को जरूरत 126 विमानों की थी लेकिन केंद्र सरकार ने 36 विमानों की डील की। देश में हवाई जहाज बनाने का सबसे अधिक अनुभव एचएएल को है और यूपीए सरकार ने जो डील की थी उसमें तकनीकी हस्तांतरण के लिए एचएएल को चुना गया था लेकिन पीएम मोदी सरकार से डील के 12 दिन पहले बनी कंपनी रिलांयस एयरोस्पेस को दे दिया गया।
आखिकर केंद्र सरकार इस डील को लेकर जवाब देने से क्यों बच रही है। केन्द्र सरकार कहती है कि डील में कुछ गड़बड़ी नहीं है जो जेपीसी का गठन कर मामले की जांच क्यों नहीं करा रही है। नोटबंदी को भी घोटाला बताते हुए केंद्र सरकार से इसकी जांच की मांग की।
एससीएटी एक्ट का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सरकार या सुप्रीम कोर्ट ही कोई बयान दे सकता है। इस मुद्दे पर सरकार अध्यादेश लाई है। हमारी ऐसी सोच है कि देश में कानून का राज होना चाहिए। इस दौरान पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा आदि कांग्रेसी नेता भी उपस्थित थे।
आखिकर केंद्र सरकार इस डील को लेकर जवाब देने से क्यों बच रही है। केन्द्र सरकार कहती है कि डील में कुछ गड़बड़ी नहीं है जो जेपीसी का गठन कर मामले की जांच क्यों नहीं करा रही है। नोटबंदी को भी घोटाला बताते हुए केंद्र सरकार से इसकी जांच की मांग की।
एससीएटी एक्ट का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर सरकार या सुप्रीम कोर्ट ही कोई बयान दे सकता है। इस मुद्दे पर सरकार अध्यादेश लाई है। हमारी ऐसी सोच है कि देश में कानून का राज होना चाहिए। इस दौरान पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र, पूर्व विधायक अजय राय, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा आदि कांग्रेसी नेता भी उपस्थित थे।