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चिंता, चौकसी और चुनौतियां
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 19 Oct 2015 01:14 AM IST
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मूर्ति विसर्जन विवाद के बाद अब 22 और 24 अक्तूबर को पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। 22 अक्तूबर को दशहरा है तो वहीं 24 अक्तूबर को मोहर्रम। 22 की रात से ही मूर्ति विसर्जन शुरू हो जाएगा। 25 अक्तूबर को गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिमा का विसर्जन होना है।
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इसे लेकर आला अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। किसी तरह का कोई विवाद न हो, इसके लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विसर्जन के लिए गंगा तट पर तीन सरोवर बनाए गए हैं जबकि सात कुंडों और पोखरों को भी इसके लिए चुना गया है।
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प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक शहर में 248 प्रतिमाएं स्थापित की जाने की अनुमति दी गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 208 प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए अनुमति दी गई है। विसर्जन को लेकर उच्च न्यायालय ने भले ही स्थिति स्पष्ट कर दी हो लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फूंक-फूंक कदम रख रहे हैं।
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शारदीय नवरात्र का समापन नवमी तिथि यानी 21 अक्तूबर होगा। पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन 22 अक्तूबर से शुरू होगा। ज्यादातर समितियां 23 अक्तूबर को विसर्जन करेंगी।
कुछ समितियां ऐसी हैं जिन्होंने 24 अक्तूबर को विसर्जन करने को कहा है। हालांकि उन्हें 22 या फिर 23 को विसर्जन करने के लिए तैयार किया जा रहा है। 24 अक्तूबर को मोहर्रम है। इस दिन शहर के सैकड़ों ताजिये, अखाड़े के जुलूस निकलते हैं और सदर इमामबाड़ा, लाट सरैया, दरगाह-ए-फातमान तथा कु छ शिवाला घाट पहुंच कर खत्म होते हैं। ऐसे में लगातार निगरानी के साथ कानून व्यवस्था के मोर्चे पर चुनौतियां होंगी।