मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर कैफेटेरिया के बचे खाने से बनेगी खाद
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के कैफेटेरिया के बचे हुए भोजन और अन्य कूड़ा कचड़ा से खाद बनाया जाएगा। जिसका स्टेशन के गार्डेन व लान में उपयोग किया जाएगा। शुक्रवार को स्टेशन पर पहुंची केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने परिसर में लगे कंपोस्ट मशीन का उद्धाटन किया। इस कंपोस्ट में बचा हुआ खाना, फूल-पत्ती, सब्जियों के टुकड़े आदि डालकर खाद बनाया जा सकेगा।
इस दौरान टीम ने मंडुवाडीह स्टेशन का निरीक्षण करते हुए और ड्रेन नाले के पानी का सैंपल भी लिया। निरीक्षण के दौरान वाटर रिचार्ज, तालाब, सर्कुलेटिंग एरिया, बिल्डिंग, पे एंड यूज शौचालय, कैफेटेरिया, व कचरा प्रबंधन की जानकारी ली। कंपोस्ट मशीन का उद्घाटन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ प्रशांत सिंह ने किया।
उन्होंने बताया कि एक बार में 200 किलो कम्पोस्ट बनाने वाली इस मशीन से खाद, जैविक अवयवों की प्रकृति के क्षय का उपयोग करने के काम में लाया जायेगा और यह खाद फल, सब्जियां, फूल और झाडि़यां उगाने में बहुत उपयोगी साबित होता है।
मंडुआडीह स्टेशन पर वाटर रिसाइकिलिंग प्लांट का कार्य भी चल रहा है व सीवेज ट्रीटमेंट का कार्य भी शीघ्र शुरू होने वाला है। स्टेशन के लॉन और गार्डेन में स्प्रिंकलर की व्यवस्था लगाई गई है। जिससे पानी की बचत हो रही है। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी कालिका सिंह, डीएमई व ईएनएचएम दुष्यंत सिंह , सहायक मंडल नगर इंजीनियर एनके पाठक, मंडुआडीह स्टेशन प्रबंधक अरुण कुमार आदि उपस्थित रहे।