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हंसिया-हथौड़ा रोकेगा मोदी- शाह का अश्वमेध घोड़ा: सीताराम येचुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 29 Jan 2018 02:40 PM IST
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सम्मेलन में बोलते सीताराम येचुरी
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वांचल में अपनी खोई जमीन वापस पाने और लोकसभा चुनाव से पहले वाराणसी समेत आसपास के जिलों में संगठन को फिर पुरानी धार देने की तैयारी में जुटे सीपीआई (एम) के 22वें राज्य सम्मेलन का आगाज रविवार को पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बेनियाबाग मैदान से हुआ।
सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा सांप्रदायिकता, जोड़-तोड़, नारेबाजी और केंद्र की वर्तमान नीतियों से देश नहीं बदलेगा, न नए भारत का निर्माण होगा।
केंद्र की इन्हीं नीतियों के चलते किसान, गरीब, मजदूर, दलित और अल्पसंख्यक रोजी-रोजगार एवं अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे देश का भला होने वाला नहीं है। देशहित और जनहित में वैकल्पिक नीतियां बनानी होंगी तभी एक बेहतर भारत का निर्माण हो सकेगा।
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उन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न हंसिया और हथौड़े को जुड़वा भाई बताया। हंसिया किसान का और हथौड़ा मजदूर का प्रतीक है। इन्हीं दोनों की मजबूती से मोदी-शाह के अश्वमेध घोड़े को रोकेंगे। महासचिव बेनियाबाग के मैदान में आयोजित रैली में उमड़ी भीड़ से गदगद दिखे।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले राजनैतिक दलों के साथ मिलकर वैकल्पिक नीतियों पर विचार कर सांप्रदायिकता का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सबको शिक्षा, सबको स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने से ही बेहतर भारत का निर्माण होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कर लिया गया तो नौजवान देश की तकदीर और तस्वीर बदल देंगे।
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सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा सांप्रदायिकता, जोड़-तोड़, नारेबाजी और केंद्र की वर्तमान नीतियों से देश नहीं बदलेगा, न नए भारत का निर्माण होगा।
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केंद्र की इन्हीं नीतियों के चलते किसान, गरीब, मजदूर, दलित और अल्पसंख्यक रोजी-रोजगार एवं अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे देश का भला होने वाला नहीं है। देशहित और जनहित में वैकल्पिक नीतियां बनानी होंगी तभी एक बेहतर भारत का निर्माण हो सकेगा।
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उन्होंने पार्टी के चुनाव चिह्न हंसिया और हथौड़े को जुड़वा भाई बताया। हंसिया किसान का और हथौड़ा मजदूर का प्रतीक है। इन्हीं दोनों की मजबूती से मोदी-शाह के अश्वमेध घोड़े को रोकेंगे। महासचिव बेनियाबाग के मैदान में आयोजित रैली में उमड़ी भीड़ से गदगद दिखे।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले राजनैतिक दलों के साथ मिलकर वैकल्पिक नीतियों पर विचार कर सांप्रदायिकता का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
सबको शिक्षा, सबको स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने से ही बेहतर भारत का निर्माण होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कर लिया गया तो नौजवान देश की तकदीर और तस्वीर बदल देंगे।
कासगंज की घटना के लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार
सम्मेलन में आईं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए येचुरी ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार में 76 फीसदी जनता का धन देश के एक फीसदी अमीरों के हाथों में है। देश के अंदर केंद्र सरकार चमकता भारत और तरसता भारत की बुनियाद खड़ी कर रही है।
पूंजीपति अमीर होते जा रहे हैँ और गरीब भूखों मर रहा है। पीएम मेक इन इंडिया, शाइनिंग इंडिया, डिजिटल इंडिया केसपने दिखा रहे हैं। इससे देश का भला नहीं होगा। साढ़े 12 लाख करोड़ उद्यमियों को बैंकों से कर्ज दे दिया गया और गरीब कर्जदार से वसूली की जाती है। देश के अंदर लूट बंद होनी चाहिए।
सीताराम येचुरी ने कहा कि कासंगज की घटना के लिए प्रदेश की योगी सरकार जिम्मेदार है। घटना की नैतिक और वास्तविक जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।
भाजपा की जिन राज्यों में सरकार होती है वहीं ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं। ऐसे लोगों को सरकार का संरक्षण और प्रोत्साहन मिला है जिसके चलते घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
पूंजीपति अमीर होते जा रहे हैँ और गरीब भूखों मर रहा है। पीएम मेक इन इंडिया, शाइनिंग इंडिया, डिजिटल इंडिया केसपने दिखा रहे हैं। इससे देश का भला नहीं होगा। साढ़े 12 लाख करोड़ उद्यमियों को बैंकों से कर्ज दे दिया गया और गरीब कर्जदार से वसूली की जाती है। देश के अंदर लूट बंद होनी चाहिए।
सीताराम येचुरी ने कहा कि कासंगज की घटना के लिए प्रदेश की योगी सरकार जिम्मेदार है। घटना की नैतिक और वास्तविक जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।
भाजपा की जिन राज्यों में सरकार होती है वहीं ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं। ऐसे लोगों को सरकार का संरक्षण और प्रोत्साहन मिला है जिसके चलते घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
गरीबों-किसानों से वादे कर भूल गई सरकार : सुभाषिनी
रैली को संबोधित करती सुभाषिनी अली
- फोटो : अमर उजाला
राज्य सम्मेलन के दौरान रैली को संबोधित करते हुए राज्यसभा की पूर्व सांसद एवं सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने केंद्र और प्रदेश सरकार को किसान, मजदूर विरोधी बताया।
गरीबों-किसानों से वादे तो सरकार ने किए लेकिन उसे पूरा करना भूल गई। कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकें। कहा कि झूठे वादों से जनता को छला जा रहा है। आज जनता बेहाल होती जा रही है। लूट, हत्या आदि आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं।
उन्होंने बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाया। कहा कि जब बीएचयू की छात्राओं पर लाठियां बरसाई गईं, तब पीएम और सीएम शहर में थे लेकिन उन्होंने ज्यादती पर चुप्पी साधे रखी।
गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन गंगा अब तक साफ नहीं हुई। गरीबों का राशन कार्ड छीना जा रहा है। किसानों को वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। जनता को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की।
प्रदेश सचिव डॉ. हीरालाल, केंद्रीय कमेटी के सदस्य जेएस मजूमदार ने मजदूरों, किसानों की बदहाली का मुद्दे पर सरकार को घेरा। अध्यक्षता पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह ने की। इस मौके पर प्रेमनाथ राय, नंदलाल समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। सोमवार और मंगलवार को तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आगामी तीन साल की पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।
गरीबों-किसानों से वादे तो सरकार ने किए लेकिन उसे पूरा करना भूल गई। कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकें। कहा कि झूठे वादों से जनता को छला जा रहा है। आज जनता बेहाल होती जा रही है। लूट, हत्या आदि आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं।
उन्होंने बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाया। कहा कि जब बीएचयू की छात्राओं पर लाठियां बरसाई गईं, तब पीएम और सीएम शहर में थे लेकिन उन्होंने ज्यादती पर चुप्पी साधे रखी।
गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन गंगा अब तक साफ नहीं हुई। गरीबों का राशन कार्ड छीना जा रहा है। किसानों को वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। जनता को सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की।
प्रदेश सचिव डॉ. हीरालाल, केंद्रीय कमेटी के सदस्य जेएस मजूमदार ने मजदूरों, किसानों की बदहाली का मुद्दे पर सरकार को घेरा। अध्यक्षता पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह ने की। इस मौके पर प्रेमनाथ राय, नंदलाल समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। सोमवार और मंगलवार को तेलियाबाग स्थित पटेल धर्मशाला में आगामी तीन साल की पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।
अरसे बाद लाल झंडे से पटा बेनियाबाग
रैली में पहुंचे लोग
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल में वजूद के लिए जूझ रहे वामदलों के लिए बेनियाबाग के मैदान में उमड़ी भीड़ संजीवनी बन पाएगी या नहीं, यह तो भविष्य बताएगा लेकिन अरसे बाद लाल सलाम के नारों के बीच लाल झंडों से पटे बेनियाबाग मैदान ने सियासी गलियारों में बनते-बिगड़ते समीकरणों और संभावनाओं पर नई बहस छेड़ दी है।
कार्यकर्ताओं की भीड़ से पार्टी के वरिष्ठ नेता गदगद दिखे तो वहीं, राजनीति के जानकारों ने भी इसे पूर्वांचल की सियासत में नए बदलाव का संकेत बताया।
तीन दशक पहले तक वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कम्युनिस्ट संगठन का आधार काफी मजबूत हुआ करता था लेकिन उसके बाद से पार्टी की जमीन खिसकती चली गई। लाल सलाम के नारों के साथ सिर पे लाल टोपी और हाथों में झंडा लिए सभा स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ता भी बेहद उत्साहित नजर आए।
कार्यकर्ताओं की भीड़ से पार्टी के वरिष्ठ नेता गदगद दिखे तो वहीं, राजनीति के जानकारों ने भी इसे पूर्वांचल की सियासत में नए बदलाव का संकेत बताया।
तीन दशक पहले तक वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में कम्युनिस्ट संगठन का आधार काफी मजबूत हुआ करता था लेकिन उसके बाद से पार्टी की जमीन खिसकती चली गई। लाल सलाम के नारों के साथ सिर पे लाल टोपी और हाथों में झंडा लिए सभा स्थल पर पहुंचे कार्यकर्ता भी बेहद उत्साहित नजर आए।