फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Coming in the hope of investigation, returning disappointed

Varanasi News: जांच की आस में आ रहे, लौट रहे निराश

Thu, 05 Jan 2023 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jan 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
Coming in the hope of investigation, returning disappointed
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में दो महीने तक एमआरआई मशीन खराब रही। अब मशीन बन गई है, लेकिन जांच कराने वाले मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक पहुंच गई है। यहीं से मरीजों की परेशानी दोबारा शुरू हो गई है। संख्या अधिक होने की वजह से मरीजों को चार महीने की वेटिंग मिल रही है।
विज्ञापन

बीएचयू अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए पूर्वांचल के कई जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश से मरीज आते हैं। हर दिन ओपीडी, इमरजेंसी को मिलाकर पांच हजार मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी के अलावा पहले से भर्ती मरीजों को चिकित्सक एमआरआई जांच लिख रहे हैं। तीस रुपये के पर्चे पर मरीज और परिजन ब्लड बैंक के बगल में एमआरआई सेंटर पर जा रहे हैं तो उन्हें चार महीने बाद यानी अप्रैल की तारीख दी जा रही है। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिनकी बिना जांच रिपोर्ट के आगे का इलाज ही संभव नहीं है।
विज्ञापन

रोज होती है 50 से 60 मरीजों की जांच
रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष वर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों रोज 50 से 60 मरीजों की एमआरआई की जाती है। कुछ मरीज इमरजेंसी के भी होते हैं। जिनकी तुरंत जांच की जाती है। दो महीने तक मशीन खराब होने की वजह से सामान्य मरीजों को वापस कर दिया गया था। आंकड़ों पर गौर करें तो दो महीने में तीन हजार मरीजों की जांच नहीं हो पाई। मशीन ठीक होने पर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मशीन पुरानी, नहीं मिलते उपकरण
डॉ. आशीष वर्मा ने बताया कि मशीन 12 साल पुरानी है। खराबी आने पर उपकरण मिलने में परेशानी होती है। किसी तरह कंपनी ने उपकरण की व्यवस्था की है। मशीन ठीक होने पर रात 10 बजे तक जांच की जा रही है। यहां जो मशीन लगी है, वह कई अस्पतालों में बंद हो गई है। नई मशीन जल्द आने वाली है। इससे मरीजों को बड़ी राहत होगी।

नवजात से लेकर बुजुर्ग तक इंतजार में
एमआरआई के लिए इंतजार करने वाले मरीजों में 10 माह के नवजात से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला भी है। इन मरीजों को बीस अप्रैल 2023 की डेट मिली है। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक ऐसे 20 मरीज थे, जिनके पर्चे पर 20 अप्रैल की डेट लिखी गई थी। एक मरीज के पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि पहले से ही इंतजार में लगे मरीजों की संख्या अधिक है। ऐसे में उसे निराश लौटना पड़ा। 20 अप्रैल की डेट पाने वालों में 16 साल तक के पांच बच्चे शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed