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सील थी इमरजेंसी पर आते-जाते रहे बेरोकटोक
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 08 May 2016 01:51 AM IST
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बीएचयू में धमाके के बाद जुटी लोगों की भीड़।
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धमाके के बाद बीएचयू की इमरजेंसी को पुलिस ने सील कर दिया था। मगर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और बीएचयू प्रॉक्टरोयिल बोर्ड के सदस्यों की बेरोकटोक आवाजाही जारी रही। एसपी सिटी, एडीएम सिटी, सीओ भेलूपुर, लंका एसओ, बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर से लगायत उनके सुरक्षाकर्मी इमरजेंसी में घुसे और घटनास्थल का जायजा लेते देखे गए।
बता दें कि नियम है कि जहां भी धमाका या गंभीर आपराधिक घटना हो, वहां तब तक किसी की भी आवाजाही नहीं हो सकती, जब तक फॉरेंसिक एक्सपर्ट और अन्य जांच एजेंसियां साक्ष्य एकत्र न कर लें।
बीएचयू इमरजेंसी में धमाके के बाद उसके दरवाजे के सामने और नीचे शीशे टूटकर बिखरे पड़े थे। पुलिस और जांच एजेंसियों की इजाजत के बिना ही बीएचयू के सफाईकर्मियों ने झाड़ू मारकर उसे किनारे कर दिया। मौके पर मौजूद एक-दो दरोगा ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन उनकी सुनी नहीं गई।
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चाहे पुलिसकर्मी हों या बीएचयूकर्मी बगैर हेलमेट लगाए और सुरक्षा उपकरणों के ही धड़धड़ाते हुए अंदर-बाहर करते रहे।डीआईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि एटीएस सहित अन्य जांच एजेंसियों ने बताया कि यह बम ब्लास्ट नहीं था। सील किए गए घटनास्थल पर बेरोकटोक आने-जाने के मामले में मौके पर मौजूद रहे अधिकारियों से जानकारी लेकर कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे।
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बता दें कि नियम है कि जहां भी धमाका या गंभीर आपराधिक घटना हो, वहां तब तक किसी की भी आवाजाही नहीं हो सकती, जब तक फॉरेंसिक एक्सपर्ट और अन्य जांच एजेंसियां साक्ष्य एकत्र न कर लें।
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बीएचयू इमरजेंसी में धमाके के बाद उसके दरवाजे के सामने और नीचे शीशे टूटकर बिखरे पड़े थे। पुलिस और जांच एजेंसियों की इजाजत के बिना ही बीएचयू के सफाईकर्मियों ने झाड़ू मारकर उसे किनारे कर दिया। मौके पर मौजूद एक-दो दरोगा ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन उनकी सुनी नहीं गई।
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चाहे पुलिसकर्मी हों या बीएचयूकर्मी बगैर हेलमेट लगाए और सुरक्षा उपकरणों के ही धड़धड़ाते हुए अंदर-बाहर करते रहे।डीआईजी डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि एटीएस सहित अन्य जांच एजेंसियों ने बताया कि यह बम ब्लास्ट नहीं था। सील किए गए घटनास्थल पर बेरोकटोक आने-जाने के मामले में मौके पर मौजूद रहे अधिकारियों से जानकारी लेकर कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे।