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गंगा की लहरों से अब तटवासियों में खौफ
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 11 Aug 2016 02:04 AM IST
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गंगा में बढ़ाव जारी।
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जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने के साथ ही बुधवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया। बुधवार की शाम छह बजे तक जलस्तर 69.22 मीटर दर्ज किया गया। तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव होने से तटवर्ती इलाकों में खलबली मच गई है। तटीय बाशिंदों को अब लहरों का खौफ सताने लगा है। उधर, जलस्तर बढ़ने से वरुणा किनारे के इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नक्खी घाट, चौकाघाट, घौसाबाद, शैलपुत्री, कोनिया, बघवा नाला, अमरपुर मढ़िया सहित अन्य बस्तियां बाढ़ से घिर गई हैं। कई घरों में निचली मंजिल में पानी भर गया है। सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लोग गृहस्थी समेटने में जुटे रहे।
उधर, केंद्रीय जल आयोग की ओर से एलर्ट जारी होने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। निगरानी के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना के लिए तहसीलदार न्यायिक कौशलेश कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गंगा में उफान से इसके तटवर्ती इलाकों के साथ वरुणा के किनारे की बस्तियों में हड़कंप मच गया है। अपनी-अपनी गृहस्थी समेटकर लोग सुरक्षित ठिकानों, परिचितों के यहां शरण ले रहे हैं। कई घरों में पानी भर जाने से गुजर बसर मुश्किल हो गया है। बुधवार को गंगा किनारे शीतला मंदिर का गर्भगृह डूब गया और मशानेश्वर मंदिर जलमग्न हो गया है। श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार और दैनिक गंगा आरती पर भी असर पड़ा है।
जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपस में संपर्क पहले ही टूट चुका है। कई संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। बढ़ाव को देखते हुए नावों का संचालन रोक दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। सामान्य स्तर 68.93 मीटर है। जिला प्रशासन ने गंगा में बढ़ाव को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। एनडीआरएफ के अलावा आपूर्ति, तहसील, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई के अधिकारियों को एहतियातन अपनी-अपनी तैयारियों को पूरी तरह दुरुस्त रखने को कहा गया है। साथ ही, स्थिति बिगड़ने पर अस्थायी शेल्टर होम खोलने की भी तैयारी पूरी कर ली गई है। बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 0542-2502562 जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के बाशिंदे राहत-बचाव के लिए इस पर सूचना दे सकते हैं।
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उधर, केंद्रीय जल आयोग की ओर से एलर्ट जारी होने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। निगरानी के लिए बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना के लिए तहसीलदार न्यायिक कौशलेश कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गंगा में उफान से इसके तटवर्ती इलाकों के साथ वरुणा के किनारे की बस्तियों में हड़कंप मच गया है। अपनी-अपनी गृहस्थी समेटकर लोग सुरक्षित ठिकानों, परिचितों के यहां शरण ले रहे हैं। कई घरों में पानी भर जाने से गुजर बसर मुश्किल हो गया है। बुधवार को गंगा किनारे शीतला मंदिर का गर्भगृह डूब गया और मशानेश्वर मंदिर जलमग्न हो गया है। श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार और दैनिक गंगा आरती पर भी असर पड़ा है।
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जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपस में संपर्क पहले ही टूट चुका है। कई संपर्क मार्ग भी बंद हो गए हैं। बढ़ाव को देखते हुए नावों का संचालन रोक दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। सामान्य स्तर 68.93 मीटर है। जिला प्रशासन ने गंगा में बढ़ाव को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क कर दिया है। एनडीआरएफ के अलावा आपूर्ति, तहसील, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई के अधिकारियों को एहतियातन अपनी-अपनी तैयारियों को पूरी तरह दुरुस्त रखने को कहा गया है। साथ ही, स्थिति बिगड़ने पर अस्थायी शेल्टर होम खोलने की भी तैयारी पूरी कर ली गई है। बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 0542-2502562 जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के बाशिंदे राहत-बचाव के लिए इस पर सूचना दे सकते हैं।
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