परीक्षण सफल: वाराणसी के शाहंशाहपुर गैस प्लांट में गोबर से बनी सीएनजी, 15 अप्रैल से शुरू होगी बॉटलिंग
वाराणसी के शाहंशापुर में करीब नौ एकड़ में बायोगैस प्लांट बनाया गया है। कुछ माह पहले पीएम मोदी ने इसका लोकार्पण किया था। उद्घाटन के करीब तीन महीने बाद गोबर से बायो सीएनजी का सफल उत्पादन किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के पहले गोबर से सीएनजी बनाने के प्लांट सफलता पूर्वक संचालित कर दिया गया। गोबर से बायो सीएनजी उत्पादन के परीक्षण के बाद अब 15 अप्रैल से इसकी बाटलिंग की तैयारी है। नौ एकड़ जमीन पर लगभग 23 करोड़ की लागत से इस शाहंशापुर में प्लांट को लगाया गया है।
इस प्लांट से सीएनजी का उत्पादन होगा और पर्यावरण को प्रदूषण से भी बचाया जा सकेगा। इस प्लांट से बायो सीएनजी के अलावा ठोस और तरल खाद का उत्पादन होगा। सीएनजी का इस्तेमाल जहां वाहनों और खाना बनाने के लिए किया जाएगा। वहीं खाद का प्रयोग खेती के लिए होगा।
करीब तीन महीने पहले हुआ था उद्घाटन
शाहंशापुर गोबर गैस प्लांट के उद्घाटन के करीब तीन महीने बाद तकनीकी टीम ने गुरुवार को गोबर से बायो सीएनजी का उत्पादन कर चिमनी से गैस को जलाकर परीक्षण किया गया। यहां बता दें कि शाहंशाहपुर गांव में 90 टन गोबर की क्षमता का बायो गैस प्लांट लगाया गया है।
वाराणसी स्मार्ट सिटी के सहयोग से एक निजी कंपनी के सीएसआर फंड से इस प्लांट से प्रतिदिन ढाई टन बायो सीएनजी का उत्पादन होगा। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि गोबर से बायो सीएनजी का सफल उत्पादन किया गया है। अब 15 अप्रैल से सीएनजी बाटलिंग शुरू कराई जाएगी और सीएनजी स्टेशन पर इसकी आपूर्ति कराई जाएगी।