वाराणसी: समीक्षा बैठक में बोले सीएम योगी- जाम की समस्या के समाधान का करें प्रयास, कमिश्नरेट लागू होने का दिखना चाहिए असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 व 21 अक्तूबर को सारनाथ में श्रीलंका के बौद्ध भिक्षु का दल आएगा। इसमें अन्य देश के भी बौद्धजन होंगे, उसकी अभी से व्यवस्था देख लें। मुख्यमंत्री ने हर घर नल परियोजना की विस्तार से पूछताछ की और ऐसे गांव जहां हर घर नल कनेक्शन हुए उनकी चेकिंग कराने को भी कहा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जाम की समस्या को नजरअंदाज न करें और इसके समाधान का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि काशी से जुड़े प्रोजेक्ट समयबद्ध व गुणवत्ता से पूर्ण करें। वाराणसी में कोरोना नियंत्रण में अच्छा काम हुआ है जो सराहनीय है, इसके लिए यहां के जनप्रतिनिधि, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वैच्छिक संगठन बधाई के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो-तीन माह में सभी 18 प्लस का वैक्सिनेशन पूर्ण करें। आजादी के अमृत महोत्सव पर नवरात्रि, दशहरा पूर्व मंदिरों में साफ-सफाई, लाइटिंग, कूड़ा निस्तारण आदि व्यवस्था करें। प्रशासन और पुलिस अन्य संस्थाओं से संवाद बनाएं। चिकित्सालय में स्ट्रेचर, एंबुलेंस, शव वाहन, मरीजों को तत्काल अटेंड करने जैसे कार्य संवेदनशीलता से करें। काशी में पुलिस कमिश्नरेट होने व सुरक्षा के माहौल का संदेश जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 व 21 अक्तूबर को सारनाथ में श्रीलंका के बौद्ध भिक्षु का दल आएगा। इसमें अन्य देश के भी बौद्धजन होंगे, उसकी अभी से व्यवस्था देख लें। मुख्यमंत्री ने हर घर नल परियोजना की विस्तार से पूछताछ की और ऐसे गांव जहां हर घर नल कनेक्शन हुए उनकी चेकिंग कराने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, पशुपालन की बहुत संभावनाएं हैं। ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को बनाए और व्यवसाय से जुड़े। महिला समूह के उत्पादों की मार्केटिंग को भी प्रोत्साहित करें।
जनपद में 683 सामुदायिक शौचालय बन चुके हैं। 619 शौचालयों में महिला समूहों को केयरटेकर रखा गया। उन्हें दो करोड़ 38 लाख रुपये केयरटेकर को भुगतान भी किया जा चुका है। गत गेहूं खरीद का समस्त 33.62 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान हो चुका है। देव दीपावली तक 500 नावें सीएनजी में कंवर्ट होकर चलेंगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने निर्माणाधीन परियोजनाओं और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने विकास कार्यों के प्रगति का पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी, रविंद्र जायसवाल, महापौर मृदुला जायसवाल, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस साल पूरी होने वाली 110 परियोजनाएं
बैठक में बताया गया कि 8546.86 करोड़ रुपये की 110 बड़ी प्रमुख परियोजनाएं वाराणसी में निर्माणाधीन हैं। इनमें जौनपुर-वाराणसी, आजमगढ़ वाराणसी, वाराणसी गाजीपुर, फोरलेन निर्माण, वाराणसी रिंग रोड फेज 2, बीएचयू व कैंसर हॉस्पिटल में डॉक्टर नर्सेज हॉस्टल, धर्मशाला निर्माण, कोनिया सलारपुर पर पुल, कालिकाधाम वरुणा नदी पर पुल, कज्जाकपुरा आरओबी, लहरतारा फुलवरिया पर आरओबी, पुल व सड़क निर्माण, कैंट से पड़ाव रोड, महगांव में आईटीआई, गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक पर्यटन विकास, नदेसर, सोनभद्र तालाब का विकास व सुंदरीकरण कार्य होगा।
टाउनहॉल, बेनियाबाग, सर्किट हाउस के समीप वाहन पार्किग का निर्माण, खिड़किया घाट पुनर्विकास, दशाश्वमेध घाट पुनर्विकास, ओल्ड काशी के वार्डो की रीडिवेलपमेंट कार्य, करखियाव में पैक हाउस निर्माण, अलईपुर, नगवा में विद्युत उप केंद्रों का निर्माण आदि कार्य हैं। वाराणसी के विकास पर्यटन सुविधा के लिए सारनाथ का विकास, कैंट-गोदौलिया रोपवे, कमिश्नरी कंपाउंड में एकत्रित मंडलीय कार्यालय निर्माण की भावी परियोजनाएं तैयार की गई हैं। मोहनसराय से कैंट तक व वाराणसी से गोपीगंज तक सड़क चौड़ीकरण कार्य को मंत्रिपरिषद से अनुमोदन हो गया है।