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CM Yogi in Varanasi: 'खेती करना कभी घाटे का सौदा नहीं था', काशी में बोले सीएम योगी- किसान स्वयं नवाचार करता था

Sun, 14 Jun 2026 01:02 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 14 Jun 2026 01:02 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में बीएचयू में आयोजित विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेती कभी घाटे का सौदा नहीं थी और भारतीय किसान अपनी जरूरतों के अनुसार स्वयं नवाचार करता था। उन्होंने कृषि, विज्ञान और परंपरागत ज्ञान के समन्वय पर बल देते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

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CM Yogi in Varanasi Farming was never losing proposition CM Yogi says in Kashi farmers used innovate on own
बीएचयू में 200 बिस्तरों वाले 7 मंजिला अत्याधुनिक नेशनल सेंटर फाॅर एजिंग का सीएम ने किया निरीक्षण। - फोटो : संवाद

विस्तार

CM Yogi in Varanasi: वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 से 45 फीसदी थी। 400 साल पहले भी लगभग 24-25 प्रतिशत हिस्सेदारी हमारी थी पर स्वतंत्रता के समय हम डेढ़ से दो प्रतिशत पर आ गए। हमको ये देखना होगा कि ऐसा क्यों हुआ। पहले किसान केवल किसान नहीं था, वो इनोवेटर था। 

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कृषि कभी घाटे का सौदा नहीं था। उस समय का किसान स्वयं नवाचार करता था। ये बातें मुख्यमंत्री ने शनिवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित दो दिवसीय विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में कहीं। वह यहां मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा ले रहे थे। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान का मतलब ही लोक कल्याण है, दुनिया के अंदर जिस भी देश ने प्रगति की है उसके पास विज्ञान का यही भाव था। आधुनिक विज्ञान का कुल समय चार से पांच सौ साल का रहा है। 
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भारत के प्राचीन गौरवशाली परंपरा को अध्ययन करेंगे, तो ये देखने को मिलता है कि हमारा व्यापारी केवल व्यापारी नहीं था, बल्कि वो देश को जोड़ने महत्वपूर्ण कड़ी था। हमारी अर्थव्यवस्था खेती-बाड़ी से जुड़े हुए थे, अपने उत्पाद को दुनिया में भेजने का काम करता था। भारत एक कृषि प्रधान देश माना जाता है। हमारी सबसे बड़ी ताकत एमएसएमई और कृषि क्षेत्र था। कोई काम ऐसा नहीं है जिसमें विज्ञान नहीं हो। 

उन्होंने ऑर्गेनिक खेती, जीरो बजट खेती की बात करते हुए भी रसायनों के अनावश्यक प्रयोग से खेतों को होने वाले नुकसान की तरफ भी ध्यान दिलाया। कहा कि अनुसंधान एवं नवाचार पर सभी को जोड़ने की जरूरत है। कुछ भी बेकार नहीं होता है। हर वनस्पति में औषधि हैं। हर अक्षर से मंत्र बन सकता है और हर व्यक्ति में कुछ न कुछ करने की क्षमता है।

मां सब्जी के पेड़ों पर गंगाजल छिड़कती थी : सीएम योगी ने कहा कि बचपन में जब वह उत्तराखंड में अपने गांव में रहते थे। उन्हें याद है कि मां उन्हें और उनके भाई-बहनों को सब्जी के बीज देती थी और क्यारी बनाने को कहती थी। हम लोग क्यारी बनाते थे और पानी डालते थे। 

पौधा निकलकर जब बड़ा होता था तो कुछ पौधों में फूल और फल आते ही नहीं थे। हम लोग मां से शिकायती लहजे में कहते थे कि इसमें कीड़ा लग गया है। फूल ही नहीं आ रहा है, मां उन पौधों पर रोजाना गंगाजल छिड़कती थी। अगले एक सप्ताह में फूल आने लगते थे।  मां गंगा के प्रति भारत की प्राचीन सनातन आस्था है। सीएम ने जगदीश चंद्र बसु के दो पौधे लगाने वाले कहानी बताई और कहा कि जीव में ही नहीं, जंतुओं में भी चेतना होती है।

आज यूपी में 96 लाख एमएसएमई सेक्टर यहां 3 करोड़ लोग कर रहे काम: मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 पहले कारीगरों को बदहाल बनाया गया। उनके उत्पादों को बेकार कहा गया। इससे वह बाजारों से बाहर हो गए। 2017 के बाद हमने फिर एक बार एक जिला एक उत्पाद शुरू करके डिजाइन, पैकेजिंग को शुरू किया। 

CM Yogi in Varanasi Farming was never losing proposition CM Yogi says in Kashi farmers used innovate on own
बीएचयू में मालवीय प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते सीएम योगी। - फोटो : संवाद

पीएम मोदी कर सकते हैं नेशनल एजिंग सेंटर का उद्घाटन
आईएमएस बीएचयू में बुजुर्गों के एक ही छत के नीचे इलाज की सुविधा के लिए बनने वाले नेशनल एजिंग सेंटर (राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र) का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पास बन रहे 200 बेड के इस सेंटर का काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा। केंद्र का प्रारंभिक संचालन भूतल और प्रथम तल पर 52 बिस्तरों के साथ शुरू किया जाएगा।

शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंटर का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति जानी। नोडल अधिकारी प्रो. अनूप सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और हर तल की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अब अस्सी और नमो घाट पर सजेंगे कचौड़ी-चाट के ठेले
वाराणसी। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, वाराणसी नगर निगम और एक फूड डिलीवरी कंपनी ने मिलकर बनारस के स्वाद को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया। इसके तहत काशी के चाट, कचौड़ी, चाय, लस्सी, बनारसी पान और ठंडई सहित 12 प्रसिद्ध भोजनालयों के व्यंजन अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। कार्यक्रम में 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

एकीकृत न्यायालय परिसर के लिए सीएम ने जताई सहमति
वाराणसी। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में प्रस्तावित एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि सेंट्रल जेल की खाली पड़ी भूमि का पूरा विवरण शासन को उपलब्ध कराया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि कलेक्ट्रेट न्यायालय और दीवानी न्यायालय दोनों को एक ही परिसर में स्थापित किया जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में अधिवक्ता दोनों न्यायालयों में कार्य करते हैं। 

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