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वाराणसी की सड़कों को सुधारने के लिए CM योगी ने दी 20 दिन की मोहलत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 21 May 2018 08:07 AM IST
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मुख्यमंत्री ने की वाराणसी के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनारस की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग को 20 दिनों की मोहलत दी है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि बरसात से पहले शहर की सड़कें दुरुस्त दिखनी चाहिए।
लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जिला पंचायत एवं मंडी परिषद को यद्धस्तर पर अभियान चलाकर काम कराए जाने का निर्देश दिया। सड़कों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि कार्य की गुणवत्ता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पढ़ेंः वाराणसी सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में वाराणसी के विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं की धीमी प्रगति और बार-बार निर्देश के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्य क्षमता पर संदेह जताया।
उन्होंने अधिकारियों को कार्य संस्कृति बदलने की नसीहत और समयसीमा में मानकों के अनुरूप काम पूरा करने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने जाति, आय और मूल आवास प्रमाण पत्रों को तीन दिन में निस्तारित करने का निर्देेश दिया। उन्होंने थाना स्तर के पुलिसकर्मियों और राजस्व विभाग के लेखपालों के अवैध वसूली की शिकायत का जिक्र किया और कहा ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित कर बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने विश्वनाथ कॉरिडोर को काशी के अतीत से जोड़ने और विरासतों को सहेजने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा कि इस परियोजना में स्थानीय और प्रबुद्ध जनता का सहयोग लिया जाए। विकास कार्य के दौरान मंदिर या विग्रह के साथ छेड़छाड़ नहीं हो। समीक्षा बैठक में सीएम को बताया गया कि 30 जून 2018 तक 16 परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी।
इसमें रिंग रोड 1, बाबतपुर वाराणसी फोरलेन, आईपीडीएस, कबीरचौरा हेरिटेज वाक सहित अन्य काम हैं। इसके बाद 31 दिसंबर 2018 तक 24 कामों को पूरा करने की बात मुख्यमंत्री को बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा, आप लोगों की लापरवाही से काम समय पर पूरे नहीं होते। हर काम का लक्ष्य तय करके उसे समयसीमा में पूरा कराया जाए।
छह माह पहले मुख्यमंत्री के भ्रमण की गई परियोजनाओं के पूरा होने की जानकारी दी गई। बैठक में सेतु निगम से संबंधित हादसे का जिक्र किए बिना मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की समयबद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश और चौराहों पर वसूली को लेकर नाराजगी जताई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुबह सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण और विकास प्राधिकरण के दर्पण एप का शुभारंभ किया। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री वाराणसी से रवाना हो गए।
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लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जिला पंचायत एवं मंडी परिषद को यद्धस्तर पर अभियान चलाकर काम कराए जाने का निर्देश दिया। सड़कों के निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि कार्य की गुणवत्ता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पढ़ेंः वाराणसी सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में वाराणसी के विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पेयजल परियोजनाओं की धीमी प्रगति और बार-बार निर्देश के बावजूद संतोषजनक सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्य क्षमता पर संदेह जताया।
उन्होंने अधिकारियों को कार्य संस्कृति बदलने की नसीहत और समयसीमा में मानकों के अनुरूप काम पूरा करने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री ने जाति, आय और मूल आवास प्रमाण पत्रों को तीन दिन में निस्तारित करने का निर्देेश दिया। उन्होंने थाना स्तर के पुलिसकर्मियों और राजस्व विभाग के लेखपालों के अवैध वसूली की शिकायत का जिक्र किया और कहा ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित कर बर्खास्त किया जाए।
उन्होंने विश्वनाथ कॉरिडोर को काशी के अतीत से जोड़ने और विरासतों को सहेजने का निर्देश दिया। अधिकारियों से कहा कि इस परियोजना में स्थानीय और प्रबुद्ध जनता का सहयोग लिया जाए। विकास कार्य के दौरान मंदिर या विग्रह के साथ छेड़छाड़ नहीं हो। समीक्षा बैठक में सीएम को बताया गया कि 30 जून 2018 तक 16 परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी।
इसमें रिंग रोड 1, बाबतपुर वाराणसी फोरलेन, आईपीडीएस, कबीरचौरा हेरिटेज वाक सहित अन्य काम हैं। इसके बाद 31 दिसंबर 2018 तक 24 कामों को पूरा करने की बात मुख्यमंत्री को बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा, आप लोगों की लापरवाही से काम समय पर पूरे नहीं होते। हर काम का लक्ष्य तय करके उसे समयसीमा में पूरा कराया जाए।
छह माह पहले मुख्यमंत्री के भ्रमण की गई परियोजनाओं के पूरा होने की जानकारी दी गई। बैठक में सेतु निगम से संबंधित हादसे का जिक्र किए बिना मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की समयबद्धता और सुरक्षा मानकों को लेकर जमकर नाराजगी जताई।
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश और चौराहों पर वसूली को लेकर नाराजगी जताई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुबह सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण और विकास प्राधिकरण के दर्पण एप का शुभारंभ किया। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री वाराणसी से रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बताई विभागों की हकीकत
दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने रविवार को मंडलायुक्त सभागार में समीक्षा बैठक में विभागों की हकीकत अधिकारियों के सामने रख दी। विभागीय आंकड़ों से अलग मुख्यमंत्री ने अवैध वसूली, तहसीलों के भ्रष्टाचार, गेहूं क्रय केन्द्रों की शिकायतों का जिक्र किया और अधिकारियों को इसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिया।
वाराणसी में विकास और निर्माण कार्यो में गति लाने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन, जिलाधिकारी को साप्ताहिक और मंडलायुक्त को पाक्षिक समीक्षा के साथ स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया। काशी में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए अधिकारियों को ताकीद की।
स्वच्छता कार्यक्रम के लिए प्रतिदिन अभियान के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिया। उन्होंने जल्द ही दोबारा यहां की परियोजनाओं की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण की हिदायत दी और कहा, काम में सुधार नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। परियोजनाओं की जानकारी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कागजी आंकड़े नहीं जमीन पर काम दिखना चाहिए। आंकड़ों से लक्ष्य नहीं मिलता।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के गेहूं क्रय केन्द्रों पर अवैध वसूली की शिकायतें हैं। जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि क्रय केन्द्रों पर सक्रिय बिचौलियों पर कार्रवाई की जाए। जिससे किसानों को उनके गेहूं का निर्धारित सरकारी समर्थन मूल्य 1745 प्रति क्विंटल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की दो माह से मिल रही शिकायत का जिक्र किया और कहा कि खाद्यान्न प्राप्त करने में पात्र लोगों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
वाराणसी में विकास और निर्माण कार्यो में गति लाने के लिए विभागीय अधिकारियों को प्रतिदिन, जिलाधिकारी को साप्ताहिक और मंडलायुक्त को पाक्षिक समीक्षा के साथ स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया। काशी में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए अधिकारियों को ताकीद की।
स्वच्छता कार्यक्रम के लिए प्रतिदिन अभियान के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिया। उन्होंने जल्द ही दोबारा यहां की परियोजनाओं की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण की हिदायत दी और कहा, काम में सुधार नहीं हुआ तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। परियोजनाओं की जानकारी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कागजी आंकड़े नहीं जमीन पर काम दिखना चाहिए। आंकड़ों से लक्ष्य नहीं मिलता।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी के गेहूं क्रय केन्द्रों पर अवैध वसूली की शिकायतें हैं। जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि क्रय केन्द्रों पर सक्रिय बिचौलियों पर कार्रवाई की जाए। जिससे किसानों को उनके गेहूं का निर्धारित सरकारी समर्थन मूल्य 1745 प्रति क्विंटल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की दो माह से मिल रही शिकायत का जिक्र किया और कहा कि खाद्यान्न प्राप्त करने में पात्र लोगों को किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
चौराहों पर वसूली, भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रोंके
वाराणसी के चौराहों और तिराहों पर मालवाहकों और सवारी वाहनों से पुलिस द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी है। रविवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंडलीय सभागार में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चौराहों पर वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर एसएसपी जेल भेजें और नौकरी से बर्खास्त करें।
शहर में जिन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है वहां नो इंट्री के नियम का कड़ाई से पालन हो। खाकी वर्दी को कलंकित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।
जिले में हाल में हुई ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों के कारण पुलिस की कार्यशैली से मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस रोजाना पैदल गश्त करे और सक्रिय दिखे। थानों पर जो फरियादी जाएं उन्हें बैठने के लिए जगह और पीने का पानी उपलब्ध कराकर उनकी शिकायत को पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ सुनें।
थानों की साफ-सफाई पर थानाध्यक्ष गंभीरता से ध्यान दें। पुलिसिंग ऐसे प्रभावी तरीके से की जाए कि अपराधियों में कानून का भय और आम आदमी निश्चिंत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी आम आदमी पर जुल्म के लिए नहीं बल्कि जुल्म करने वालों से रक्षा के लिए है और पुलिस समाज में जनमित्र की भूमिका में नजर आए।
शहर में जिन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है वहां नो इंट्री के नियम का कड़ाई से पालन हो। खाकी वर्दी को कलंकित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।
जिले में हाल में हुई ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों के कारण पुलिस की कार्यशैली से मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस रोजाना पैदल गश्त करे और सक्रिय दिखे। थानों पर जो फरियादी जाएं उन्हें बैठने के लिए जगह और पीने का पानी उपलब्ध कराकर उनकी शिकायत को पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ सुनें।
थानों की साफ-सफाई पर थानाध्यक्ष गंभीरता से ध्यान दें। पुलिसिंग ऐसे प्रभावी तरीके से की जाए कि अपराधियों में कानून का भय और आम आदमी निश्चिंत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी आम आदमी पर जुल्म के लिए नहीं बल्कि जुल्म करने वालों से रक्षा के लिए है और पुलिस समाज में जनमित्र की भूमिका में नजर आए।