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वाराणसी सेंट्रल जेल में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का सीएम योगी ने किया अनावरण

Sun, 20 May 2018 11:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 20 May 2018 11:02 PM IST
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CM yogi adityanath said to prisoners connect to mainstream of society
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण करते सीएम - फोटो : अमर उजाला
क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को अंग्रेजों ने सेंट्रल जेल में जिस जगह 15 कोड़े मारे थे रविवार को उसी स्थान पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान कैदियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुनाहों की सजा काट कर जब आप जेल से बाहर निकलें तो समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सम्मानित जीवन जिएं। सेंट्रल जेल में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले 1300 वीर जवानों को कैद किया था, उनके जीवन से प्रेरणा लें।
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असहयोग आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की दुकान का 15 साल की उम्र में विरोध करने वाले चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा कारागार प्रशासन, बंदियों के परिजनों और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से लगभग 20 लाख रुपये में जयपुर में तैयार कराई गई है।
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आजाद की प्रतिमा के पीछे शिलापट्ट में सेंट्रल जेल में कैद किए गए 1300 स्वतंत्रता सेनानियों का नाम लिखा गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन वृत्त के बारे में बताया। साथ ही उनके बताए देशप्रेम और राष्ट्र सेवा के रास्ते पर चलने का आह्वान किया। कहा कि ऐसे महान सपूत का स्मारक हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद को इसी जेल में अंग्रेजों ने कोड़ा मारा था। वही बाद में अंग्रेजों के देश छोड़ने का कारण बना। महर्षि अरविंद को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस युग में महान धर्म राष्ट्रधर्म और राष्ट्रद्रोह महापाप है।

इस दौरान चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तैयार करने में योगदान देने वाले आर्किटेक्ट अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न दिया। जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ ने बताया कि प्रतिमा को तैयार करने में दो वर्ष का समय लगा।

जेल अधिकारियों का कहना था कि जिले में संभवत: यह पहला अवसर होगा जब मुख्यमंत्री ने जिले की जेल में निरुद्ध कैदियों को संबोधित कर अच्छी राह पर चलने के लिए प्रेरित किया होगा।

कुनबा नजर आया, नहीं दिखे MLC बृजेश

CM yogi adityanath said to prisoners connect to mainstream of society
सेंट्रल जेल में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के अनावरण के बाद सभा में एमएलसी बृजेश सिंह की पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह, भतीजे विधायक सुशील सिंह व जिला पंचायत सदस्य सुजीत सिंह और उनके कुछेक करीबी मौजूद थे।

साथ ही, जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, प्रदेश के मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी व अनिल राजभर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और लगभग एक हजार कैदी भी थे।

इन सबके बीच सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह कहीं नहीं दिखे। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही मौजूद लोगों में एमएलसी की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही।


रातोंरात बना दी गई सड़क
जेपी मेहता इंटर कालेज से सेंट्रल जेल जाने वाला मार्ग खस्ताहाल था। मगर, जब अधिकारियों को जानकारी मिली कि रविवार की सुबह मुख्यमंत्री सेंट्रल जाएंगे तो रातोंरात सड़क को बना दिया गया। 

कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों को सीएम ने देखा
सेंट्रल जेल के कैदी दरी, फर्नीचर, अचार, ब्रेड, बिस्किट, मुरब्बा, सूती कपड़े और मग जैसे उत्पाद तैयार करते हैं। प्रतिमा के अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने स्टाल में लगे कैदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखा और उनके बारे में जेल अधीक्षक से जानकारी ली। कहा कि कैदियों के भविष्य को देखते हुए ऐसे रोजगारपरक काम उनसे लगातार कराते रहें और उनमें अच्छा सीखने की प्रवृत्ति विकसित करें।

पुलिस की कार्यशैली पर सीएम योगी ने जताई नाराजगी

CM yogi adityanath said to prisoners connect to mainstream of society
वाराणसी के चौराहों और तिराहों पर मालवाहकों और सवारी वाहनों से पुलिस द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी है। रविवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंडलीय सभागार में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चौराहों पर वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर एसएसपी जेल भेजें और नौकरी से बर्खास्त करें।

शहर में जिन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश निषेध है वहां नो इंट्री के नियम का कड़ाई से पालन हो। खाकी वर्दी को कलंकित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए।

जिले में हाल में हुई ताबड़तोड़ आपराधिक वारदातों के कारण पुलिस की कार्यशैली से मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस रोजाना पैदल गश्त करे और सक्रिय दिखे। थानों पर जो फरियादी जाएं उन्हें बैठने के लिए जगह और पीने का पानी उपलब्ध कराकर उनकी शिकायत को पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ सुनें।

थानों की साफ-सफाई पर थानाध्यक्ष गंभीरता से ध्यान दें। पुलिसिंग ऐसे प्रभावी तरीके से की जाए कि अपराधियों में कानून का भय और आम आदमी निश्चिंत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाकी वर्दी आम आदमी पर जुल्म के लिए नहीं बल्कि जुल्म करने वालों से रक्षा के लिए है और पुलिस समाज में जनमित्र की भूमिका में नजर आए।


क्यों लंबित हैं विवेचनाएं, कराएं जांच
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि जिले भर में 458 मुकदमों की विवेचना लंबित हैं तो इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। एसएसपी को कहा कि विवेचना समय से पूरी हो। मुकदमों की विवेचना क्यों लंबित है इसकी जांच करा कर लापरवाही बरतने वाले दरोगाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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