सीएम योगी आदित्यनाथ का आ सकते हैं वाराणसी, काशी के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूरी कैबिनेट के साथ चंदौली के पड़ाव स्थित प. दीनदयाल स्मृति उपवन आ सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 16 फरवरी को लोकार्पित प. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन में प्रदेश कैबिनेट की बैठक की तैयारी है। ऐसे में अगर सबकुछ ठीक रहा और ऐसा संभव हुआ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पड़ाव स्थित स्मृति उपवन में प्रदेश कैबिनेट की बैठक कर इतिहास रच देगें।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और चंदौली के इतिहास में अब तक यहां कैबिनेट की बैठक नहीं हुई है। तीन मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यदि अपनी कैबिनेट के साथ यहां पहुंचकर बैठक करते हैं तो यह काशी और चंदौली के इतिहास में पहली बार होगा।
इसके अलावा काशी, कानपुर और अवध क्षेत्र के विधायक समूह की बैठक भी होगी। करीब 100 विधायकों की मौजूदगी वाली इस बैठक के लिए स्थल चयन पर मंथन किया जा रहा है। सोमवार तक प्रशासन को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की विधिवत सूचना मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों 16 फरवरी को लोकार्पित प. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार तीन मार्च को होने वाली कैबिनेट बैठक पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति उपवन में प्रस्तावित है। मंगलवार की सुबह 10 बजे से कैबिनेट की बैठक होगी।
माना जा रहा है कि इस बैठक में काशी और पूर्वांचल के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। प. दीनदयाल उपाध्याय की देश की सबसे बड़ी प्रतिमा के सामने कैबिनेट की बैठक से इस स्थल को नई पहचान देने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा काशी, कानपुर और अवध क्षेत्र के विधायक समूह की बैठक भी तीन मार्च को प्रस्तावित है। इस बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों सहित 100 विधायक शामिल होंगे। इस बैठक के लिए वाराणसी में बड़ालालपुर स्थित हस्तकला संकुल और मंडलायुक्त सभागार का विकल्प भी दिया गया है।
विधायक समूह की बैठक में बनेगी व्यापक कार्ययोजना
प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी अपने जनप्रतिनिधियों को चुनावी मोड में लाने की तैयारी में है। तीन मार्च को होने वाली विधायक समूह की बैठक मेें सरकारी की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और जनता के बीच पैठ बनाने पर चर्चा की जाएगी। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि ज्यादातर विधायक सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं है, ऐसे में इस विषय पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा स्मृति उपवन
वाराणसी। एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंतिम पड़ाव के रूप में विकसित स्मृति उपवन को प्रदेश के पर्यटन के केंद्र में रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक से प्रदेश भर में इसकी चर्चा होगी। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को पं. दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर आधारित बता चुके हैं। प्रदेश सरकार गुजरात के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की तर्ज पर इस केंद्र को विकसित करने के साथ ही उनके सिद्धांतों से लोगों को सरकार से जोड़ेगी।
एक माह में दूसरी बार होगा बड़ा कार्यक्रम
पड़ाव। यदि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मारक परिसर में कैबिनेट के मंत्रियों की बैठक होती है तो एक माह के भीतर यहां यह दूसरा बड़ा कार्यक्रम होगा। 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण और स्मारक का लोकार्पण किया था। इस कार्यक्रम की तैयारियां फरवरी की शुरूआत से ही शुरु हो गई थी। दो बार यहां पहुंचे मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की थी। 16 फरवरी के बाद यहां दूसरा बड़ा कार्यक्रम होगा।