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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कालीन नगरी में मिशन 2019 पर किया मंथन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भदोही
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:58 AM IST
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बैठक में सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में मिशन 2019 पर मंथन किया। काशी प्रांत के सांसदों और विधायकों की बैठक में सीएम ने एक-एक जनप्रतिनिधि से फीडबैक लिया।
कई विधायकों और सांसदों के बैठक में न पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सामंजस्य बनाकर काम करें। जनता और कार्यकर्ताओं का फोन उठाएं।
लोकसभा चुनाव भले ही सात से आठ माह बाद होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी अभी से पूर्वांचल की सियासी बिसात पर गोट बिछाने में जुट गए हैं। सीएम न करीब पौने दो घंटे तक एक्सपो मार्ट के दूसरे तल पर काशी प्रांत के सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की।
इस गोपनीय बैठक में और किसी को जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन सूत्रों की माने तो पूर्वांचल में चुनावी तैयारियों को धार देने के मकसद से बुलाई गई इस बैठक में 55 में से 30 विधायक और 12 में केवल पांच सांसद ही पहुंचे थे। इस पर योगी ने नाखुशी जताई।
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इस दौरान उन्होंने सांसदों और विधायकों को हिदायत दी कि वह सामंजस्य बनाकर काम करें। जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों से कहा कि मिल-जुल कर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कराएं।
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कई विधायकों और सांसदों के बैठक में न पहुंचने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सामंजस्य बनाकर काम करें। जनता और कार्यकर्ताओं का फोन उठाएं।
लोकसभा चुनाव भले ही सात से आठ माह बाद होंगे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी अभी से पूर्वांचल की सियासी बिसात पर गोट बिछाने में जुट गए हैं। सीएम न करीब पौने दो घंटे तक एक्सपो मार्ट के दूसरे तल पर काशी प्रांत के सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की।
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इस गोपनीय बैठक में और किसी को जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन सूत्रों की माने तो पूर्वांचल में चुनावी तैयारियों को धार देने के मकसद से बुलाई गई इस बैठक में 55 में से 30 विधायक और 12 में केवल पांच सांसद ही पहुंचे थे। इस पर योगी ने नाखुशी जताई।
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इस दौरान उन्होंने सांसदों और विधायकों को हिदायत दी कि वह सामंजस्य बनाकर काम करें। जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सांसदों और विधायकों से कहा कि मिल-जुल कर केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कराएं।
परवान नहीं चढ़ीं लोगों की उम्मीदें
लोगों का अभिवादन करते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री से ढेरों उम्मीदें लगाकर बैठी आम जनता को सिर्फ मायूसी ही हाथ लगी। पहली बार जिले में आए सीएम से कुछ खास सौगात की लोगों ने उम्मीद की थी, लेकिन एक भी घोषणा मुख्यमंत्री ने नहीं की। इसकी लोगों में दिन भर चर्चा होती रही।
विस चुनाव के बाद पहली बार जिले में आए मुख्यमंत्री से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। इसमें औराई चीनी मिल चालू करने, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉलेज, गंगा पर रामपुर या डेंगुरपुर-धनतुलसी में पक्का पुल आदि शामिल हैं।
लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान सीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही औराई चीनी मिल में जगह मिलने पर 1200 करोड़ का बायोफ्यूल प्लांट चलवाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने एक भी घोषणा नहीं की। कालीन उद्यमियों की समस्याएं तो दूर करने की बात कही पर उनके विकास को लेकर कोई खास घोषणा नहीं हुई।
विस चुनाव के बाद पहली बार जिले में आए मुख्यमंत्री से लोगों को काफी उम्मीदें थीं। इसमें औराई चीनी मिल चालू करने, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉलेज, गंगा पर रामपुर या डेंगुरपुर-धनतुलसी में पक्का पुल आदि शामिल हैं।
लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान सीएम ने सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही औराई चीनी मिल में जगह मिलने पर 1200 करोड़ का बायोफ्यूल प्लांट चलवाने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने एक भी घोषणा नहीं की। कालीन उद्यमियों की समस्याएं तो दूर करने की बात कही पर उनके विकास को लेकर कोई खास घोषणा नहीं हुई।
कारपेट एक्सपो मार्ट का नाम तक नहीं लिया
जनसभा में बोलते सीएम योगी
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री से कारपेट एक्सपो मार्ट को लेकर कालीन उद्यमियों की जो आशाएं थी, वह धरी रह गईं। उन्होंने अपने संबोधन में कारपेट मार्ट का नाम तक नहीं लिया। हां, उन्होंने भदोही के कालीन, यहां की हस्तकला, बुनकरों और इसमें लगे श्रमिकों की तारीफ जरूर की।
साथ ही आश्वासन दिया कि कालीन उद्योग के विकास के लिए सरकार हर संभव मदद देगी। वर्ष 2015 में कार्पेट मार्ट का शिलान्यास हुआ था। बीच में कुछ बाधाओं के चलते इसका निर्माण अटक गया और देरी होती चली गई। हालत है है कि अभी भी मार्ट बनकर जिला प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
कालीन उद्यमी आस लगाए बैठे थे कि मुख्यमंत्री यहां कालीन मेला शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, कालीन निर्यातकों, बुनकरों, श्रमिकों से खचाखच भरे हाल में ना तो कारपेट एक्सपो मार्ट का नाम नहीं लिया ना यहां मेले के आयोजन के संबंध में कुछ कहा।
साथ ही आश्वासन दिया कि कालीन उद्योग के विकास के लिए सरकार हर संभव मदद देगी। वर्ष 2015 में कार्पेट मार्ट का शिलान्यास हुआ था। बीच में कुछ बाधाओं के चलते इसका निर्माण अटक गया और देरी होती चली गई। हालत है है कि अभी भी मार्ट बनकर जिला प्रशासन को हैंडओवर नहीं किया जा सका।
कालीन उद्यमी आस लगाए बैठे थे कि मुख्यमंत्री यहां कालीन मेला शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, कालीन निर्यातकों, बुनकरों, श्रमिकों से खचाखच भरे हाल में ना तो कारपेट एक्सपो मार्ट का नाम नहीं लिया ना यहां मेले के आयोजन के संबंध में कुछ कहा।
अनुशासित पार्टी का टूटता रहा अनुशासन
जनसभा में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
भदोही के कार्पेट एक्सपो मार्ट में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में खुद को अनुशासित पार्टी का दावा करने वाली भाजपा का अनुशासन पल-पल टूटता रहा। कार्यकर्ता से लेकर पुराने पदाधिकारी भी एक-दूसरे से उलझते रहे। कभी पानी को लेकर किचकिच हुई तो कभी सीएम के भाषण के दौरान एक-दूसरे पर बिफर पड़े।
सुबह 9:50 बजे मुख्यमंत्री के आने का प्रोटोकाल था। तय समय से करीब 20 मिनट विलंब से सीएम कार्पेट मार्ट सीएम पहुंचे। दोपहर 12 बजे से लोकार्पण एवं शिलान्यास होना था जबकि कार्यकर्ता-पदाधिकारी और लाभार्थी सुबह ही पहुंच गए थे।
सभागार में एसी होने के बाद भी लोग उमस से बेहाल दिखे। प्यास लगने पर पानी नहीं मिला तो भाजपा के कई नेता शोरगुल मचाने लगे। कुछ लोग शांत कराने के चक्कर में गाली गलौज पर उतारू हो गए।
किसी तरह विवाद शांत कराया गया लेकिन सीएम का भाषण शुरू होने के कुछ देर बाद लोग फिर शोर मचाने लगे। यह देख वहां मौजूद लोग कहने से नहीं चूके कि खुद को अनुशासित पार्टी कहने वाली वाली भाजपा में ऐसे अनुशासनहीन लोग हैं।
उधर, सीएम के मंच पर रविवार को जिले की प्रथम नागरिक जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव को जगह नहीं मिल सकी। करीब 10 मिनट रुकने के बाद वह लौट आईं। इसको लेकर कार्यक्रम में तमाम चर्चाएं होती रहीं।
सुबह 9:50 बजे मुख्यमंत्री के आने का प्रोटोकाल था। तय समय से करीब 20 मिनट विलंब से सीएम कार्पेट मार्ट सीएम पहुंचे। दोपहर 12 बजे से लोकार्पण एवं शिलान्यास होना था जबकि कार्यकर्ता-पदाधिकारी और लाभार्थी सुबह ही पहुंच गए थे।
सभागार में एसी होने के बाद भी लोग उमस से बेहाल दिखे। प्यास लगने पर पानी नहीं मिला तो भाजपा के कई नेता शोरगुल मचाने लगे। कुछ लोग शांत कराने के चक्कर में गाली गलौज पर उतारू हो गए।
किसी तरह विवाद शांत कराया गया लेकिन सीएम का भाषण शुरू होने के कुछ देर बाद लोग फिर शोर मचाने लगे। यह देख वहां मौजूद लोग कहने से नहीं चूके कि खुद को अनुशासित पार्टी कहने वाली वाली भाजपा में ऐसे अनुशासनहीन लोग हैं।
उधर, सीएम के मंच पर रविवार को जिले की प्रथम नागरिक जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव को जगह नहीं मिल सकी। करीब 10 मिनट रुकने के बाद वह लौट आईं। इसको लेकर कार्यक्रम में तमाम चर्चाएं होती रहीं।