मुख्यमंत्री का ऑडियो वायरल: व्यापारियों ने कहा, जिलाधिकारी वापस लें अपना नोटिस
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वाराणसी के अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश जैन के बीच बातचीत के वायरल ऑडियो ने तूल पकड़ लिया है। ऑडियो वायरल करने के मामले में राकेश जैन को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने तीन दिन का नोटिस जारी किया है।
अब इस मामले में वाराणसी के व्यापारियों कहा कहना है कि वायरल ऑडियो में कहीं से भी गोपनियता भंग नहीं हो रही है। ऐसे में जिलाधिकारी को अपना नोटिस वापस लेना चाहिए।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि हमारी लड़ाई सदैव व्यापारियों के हित को लेकर रही है। कोविड मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान दुर्व्यवस्थाओं को मुख्यमंत्री के समक्ष भाजपा के एक सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर रखा। रिकॉर्डिंग का उद्देश्य यह रहा कि बातचीत की जानकारी मीडिया को साझा करना था न कि गोपनीयता भंग करना।
चूंकि मीडिया साक्ष्य मांगती है तो इसलिए ऑडियो दिया गया। जिलाधिकारी की मंशा को कहीं से भी ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता होने के चलते सेतु का काम किया।
वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि बाजारों का समय व बैंकों का समय बढ़ाने की मांग करना क्या गलत है? मुख्यमंत्री से बातचीत का ऑडियो वायरल करने का गोपनीयता भंग करने का यह बिल्कुल मतलब नहीं था। ऑडियो में ऐसी कोई बात नहीं हुई है। यह शुरू से कहा जा रहा है कि व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण को लेकर जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव व मुख्यमंत्री से बातचीत होती रही है।
इसे इतना तूल देने की आवश्यकता नहीं है। व्यापारी नेता राकेश जैन को जारी नोटिस वापस लिया जाए, अन्यथा शहर भर के व्यापारी सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। उधर, प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल ने भी राकेश जैन के समर्थन में आवाज बुलंद की है।
वहीं महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत का ऑडियो गोपनीय होता है, इसे वायरल नहीं करना चाहिए था।