सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: वाराणसी कमिश्नरेट प्रदेश में छठे स्थान पर, 28 केपीआई में नंबर वन; पढ़ें- पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस ने शानदार प्रदर्शन किया। 28 केपीआई में प्रदेश में पहला स्थान और छह केपीआई में शीर्ष पांच में जगह बनाई।
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मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की रैंकिंग में वाराणसी कमिश्नरेट ने प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि सीएम डैशबोर्ड की मार्च रैंकिंग में दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के 50 मुख्य प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) पर आधारित इस रैंकिंग में कमिश्नरेट पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसने 28 केपीआई में प्रदेश में पहला स्थान और छह केपीआई में शीर्ष पांच में जगह बनाई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप यह सफलता मिली है।
कमिश्नरेट वाराणसी ने अपराध नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। महिला अपराधों से संबंधित हत्या, दुष्कर्म, शीलभंग, अपहरण और दहेज मृत्यु के मामलों में 100 फीसदी विवेचना निस्तारण हुआ। आरोपियों के खिलाफ भी 100 फीसदी प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ।
इसी प्रकार, एससी/एसटी एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आबकारी अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा अधिनियम के प्रकरणों में भी प्रभावी कार्रवाई के चलते उत्कृष्ट स्थान मिला। जघन्य अपराधों में 97.92 फीसदी विवेचना निस्तारण और वांछित आरोपियों के खिलाफ 97.52 फीसदी कार्रवाई की गई।
विवेचना निस्तारण में प्रदेश में तीसरा और वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में पहला स्थान प्राप्त हुआ। गैंगस्टर एक्ट में लंबित 99 फीसदी विवेचनाओं का निस्तारण और वांछितों के खिलाफ 100 फीसदी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के शीर्ष दो में स्थान बनाया गया।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि डायल-112 पीआरवी का अगस्त माह में औसत प्रतिक्रिया समय 4.52 मिनट रहा। 18,057 मामलों में 10 मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई। इस केपीआई में कमिश्नरेट वाराणसी ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
कर्मचारी सत्यापन, घरेलू सहायक और किरायेदार सत्यापन जैसी नागरिक सेवाओं में 100 फीसदी कार्रवाई हुई। सीसीटीएनएस शिकायतें, कार्यक्रम प्रदर्शन और जुलूस संबंधी सेवाओं में भी शत-प्रतिशत कार्रवाई की गई। अग्नि सुरक्षा के तहत एनओसी और अग्नि सुरक्षा आकलन भी 100 फीसदी पूरे किए गए।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अधिकारियों की जवाबदेही भी इस उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण कारण है। वर्ष 2023 और 2024 में यह रैंकिंग प्रदेश के अंतिम 10 स्थानों में थी। अब यह लगातार शीर्ष 10 में बनी हुई है। यह अपराध नियंत्रण में निरंतर सुधार का प्रमाण है।