{"_id":"5f9f0e198ebc3e9bd506292a","slug":"cm-city-news-vns556070973","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम ने दी हिदायत तो अधिकारी बना रहे लीकेज दूर कराने की कार्ययोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम ने दी हिदायत तो अधिकारी बना रहे लीकेज दूर कराने की कार्ययोजना
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वाराणसी। जेएनएनयूआरएम से 600 करोड़ पर खर्च करने के बाद न तो जनता को शुद्ध पानी मिला और न ही सीवर की समस्या दूर हुई। वहीं, सीवर और पानी की पाइप लाइनों के लीकेज से सड़कें खराब हो रही हैं। इस संबंध में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को हिदायत दी थी कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। जरूरत पड़े तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सारा अमला भी सतर्क हो गया है। लीकेज दुरुस्त कराने की कार्य योजना बन रही है। जल निगम ने नगर निगम से पैसे की मांग की है। नदेसर, घौसाबाद, बेनियाबाग, सिगरा, महमूरगंज, भोजुबीर, सिंधोरा, पांडेपुर आदि मार्गों पर लीकेज हो रहा है। जिसके चलते हाल ही में बनी सड़कें खराब हो रही हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि जिन सड़कों की मरम्मत कराई गई है। उन सड़कों पर लीकेज हो रहा है। जिसके चलते सड़कें खराब हो रही हैं। आला अधिकारियों को सूचना दी गई है। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि लीकेज को दुरुस्त कराने के लिए 2.88 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इन पैसों से शहर की पाइप लाइनों के लीकेज को दुरुस्त कराया जाएगा। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि पूर्व में जो काम हुए थे। उनमें पाइप लाइनों में गैप था। जिसके चलते लीकेज की समस्या आ रही है। इस मामले में कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन अभी पूरे गैप नहीं भरे गए हैं। लीकेज दुरुस्त कराने के लिए नगर निगम ने धनराशि देने की बात कही है। पैसा मिलते ही लीकेज को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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विभागों में समन्वय नहीं
वाराणसी के विभागों में समन्वय नहीं होने के कारण आम जनता सड़क, सीवर, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। योजना को लागू करवाने वाले अधिकारी लोगों को शामिल नहीं करते हैं। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, जिला प्रशासन व अन्य कार्यदायी एजेंसियों के बीच तालमेल नहीं होने के कारण बेतरतीब तरीके से काम हो रहा है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
बनारस में बीचोंबीच सड़क के नीचे सीवर और पेयजल की पाइप लाइनें डाली गईं हैं। वाहनों के दबाव से इनके ज्वाइंट के खुलने का खतरा हमेशा बना रहेगा। जब तक इन लाइनों को सड़क के दोनों किनारों पर नहीं किया जाएगा। तब तक लीकेज की समस्या दूर नहीं होगी। सड़कों का दुश्मन पानी है और लीकेज सड़कों को हमेशा खराब करता रहेगा।-बृंद कुमार सिविल इंजीनियरिंग, बीएचयू आईआईटी
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सारा अमला भी सतर्क हो गया है। लीकेज दुरुस्त कराने की कार्य योजना बन रही है। जल निगम ने नगर निगम से पैसे की मांग की है। नदेसर, घौसाबाद, बेनियाबाग, सिगरा, महमूरगंज, भोजुबीर, सिंधोरा, पांडेपुर आदि मार्गों पर लीकेज हो रहा है। जिसके चलते हाल ही में बनी सड़कें खराब हो रही हैं।
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पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि जिन सड़कों की मरम्मत कराई गई है। उन सड़कों पर लीकेज हो रहा है। जिसके चलते सड़कें खराब हो रही हैं। आला अधिकारियों को सूचना दी गई है। नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि लीकेज को दुरुस्त कराने के लिए 2.88 करोड़ रुपये की योजना बनाई है। इन पैसों से शहर की पाइप लाइनों के लीकेज को दुरुस्त कराया जाएगा। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि पूर्व में जो काम हुए थे। उनमें पाइप लाइनों में गैप था। जिसके चलते लीकेज की समस्या आ रही है। इस मामले में कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन अभी पूरे गैप नहीं भरे गए हैं। लीकेज दुरुस्त कराने के लिए नगर निगम ने धनराशि देने की बात कही है। पैसा मिलते ही लीकेज को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
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विभागों में समन्वय नहीं
वाराणसी के विभागों में समन्वय नहीं होने के कारण आम जनता सड़क, सीवर, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। योजना को लागू करवाने वाले अधिकारी लोगों को शामिल नहीं करते हैं। नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, जिला प्रशासन व अन्य कार्यदायी एजेंसियों के बीच तालमेल नहीं होने के कारण बेतरतीब तरीके से काम हो रहा है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
बनारस में बीचोंबीच सड़क के नीचे सीवर और पेयजल की पाइप लाइनें डाली गईं हैं। वाहनों के दबाव से इनके ज्वाइंट के खुलने का खतरा हमेशा बना रहेगा। जब तक इन लाइनों को सड़क के दोनों किनारों पर नहीं किया जाएगा। तब तक लीकेज की समस्या दूर नहीं होगी। सड़कों का दुश्मन पानी है और लीकेज सड़कों को हमेशा खराब करता रहेगा।-बृंद कुमार सिविल इंजीनियरिंग, बीएचयू आईआईटी