सुबह बालेश्वर मंदिर के पास गरीबों में बांटे वस्त्र तो दोपहर में बुजुर्गों को नए कपड़े पहना भोजन कराया
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अपनों की जयंती या पुण्यतिथि पर बड़े-बड़े आयोजन करने वालों के सामने सोमवार को शहर के एक प्रमुख कपड़ा व्यवसायी ऐसी नजीर पेश की जिसकी मिशालें दी जा सकती हैं। उसने सुबह उठकर मंदिर के सामने मौजूद गरीबों में वस्त्रों का वितरण किया और दोहपहर तक स्वादिष्ट भोजन लेकर जिले के एकमात्र वृद्धाश्रम में पहुंच गया। वहां बजुर्गों को नए कपड़े पहनाया और उन्हीं के साथ बैठकर भोजन करने के बाद आशिर्वाद भी लिया।
आठ जून को जनपद के ख्यातिलब्ध कपड़ा व्यवसायी संजीव श्रीवास्तव "बच्चा जी" की माता स्व. रीता श्रीवास्तव की तीसरी पुण्यतिथि थी। उन्होंने इसे यादगार बनाने की सोची और सुबह उठकर तैयार होने के बाद कपड़ों का गट्ठर लेकर शहर के बालेश्वर मंदिर के सामने पहुंच गए। वह लगभग सौ से अधिक की संख्या में मौजूद गरीबों के बीच वस्त्र और भोजन आदि का वितरण किया।
इसके बाद गड़वार कस्बा स्थित वृद्धाश्रम में जीवन-यापन कर रहे करीब 150 निराश्रित पुरूष व महिलाओं के बीच पहुंचे। वहां भी वस्त्र का वितरण किया और बुजुर्गों को भोजन कराने के बाद उनसे आशिर्वाद लिया। वृद्धाश्रम परिसर में ही आयोजित पुण्यतिथि समारोह में अतिथियों ने स्व. रीता श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
वृद्ध रामज्योतिष ने निर्गुण भक्ति गीत गाकर उपस्थित सभी लोगों को भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर संजय कुमार उर्फ भोला, समाजसेवी शिवदयाल, प्रमुख व्यवसायी त्रिभुवन, छात्र नेता शिप्रान्त सिंह, सुमन चौरसिया, गौरव, अमित गुप्ता, अंशु सरावगी, मनीष हिंदुस्तानी, शहनवाज, सुहेल, अजय कुमार, जयप्रकाश, सोनू आदि मौजूद रहे। वृद्धाश्रम के अधीक्षक घनश्याम सिंह ने सबका आभार प्रकट किया।