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Varanasi News: घूस लेते लिपिक के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही कार्यालय छोड़कर भागे इंजीनियर और कर्मचारी
Wed, 18 Jun 2025 10:53 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 18 Jun 2025 10:53 AM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी जिले में घूस लेते लिपिक के पकड़े जाने की सूचना पर कार्यालय से कई इंजीनियर और कर्मचारी भाग निकले। एक दिन पहले निगम में पैसे की लेनदेन को लेकर ठेकेदार से झगड़ा हुआ था।
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रामविलास शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी नगर निगम में जैसे ही घूस लेते लिपिक के पकड़ने की सूचना मिलते ही कई इंजीनियर और कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गए। वरुणा पार में एयरेटल का फाइबर बिछाने के लिए रोड कटिंग की अनुमति एक ठेकेदार ने नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग से मांगी थी। निगम के जानकारों के अनुसार पैसे के लेनदेन को लेकर कनिष्ठ लिपिक राम विलास शर्मा का सोमवार को ठेकेदार से झगड़ा हुआ था।
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आज उसी कंपनी के दूसरे पार्टनर कार्यालय आए। उन्होंने रामविलास से माफी मांगी। कहा कि हमारे पार्टनर को सरकारी कामकाज का तरीका नहीं पता है। उन्हें पांच हजार रुपये देकर अनुमति का पत्र मांगा।
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पैसा लेने के बाद रामविलास शर्मा जैसे ही उसे अनुमति पत्र देकर रिसीविंग करा रहे थे। उसी समय एंटी करप्शन टीम कार्यालय पहुंची उन्हें देख रामविलास ने पैसों का लिफाफा दूसरी टेबल की ओर फेंक दिया।
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इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। उनके हाथ केमिकल से धुलवाए, जिससे यह साबित हुआ है उन्होंने पैसा लिया था। इस पूरी घटना का वीडियो भी एंटी करप्शन की टीम ने बनाया।
कार्यालय के लिपिक के पकड़े जाने की सूचना पर मौके पर मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन और अधिशासी अभियंता आरके सिंह भी पहुंचे। एंटी करप्शन ने अपना परिचय दिया तो दोनों अभियंता कार्यालय छोड़कर चले गए।
इसकी जानकारी इंजीनियरिंग विभाग के अन्य इंजीनियरों और कर्मचारियों को मिली तो वे भी कार्यालय छोड़कर भाग गए। रामविलास पहले चपरासी थे। तत्कालीन अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह ने इन्हें बाबू बना दिया था। जब से मुख्य अभियंता कार्यालय में आए थे। तब से काफी बदलाव आया है। बनारस, चंदौली के अलावा और भी कई जगहों पर अकूत संपत्ति की चर्चा है।
कार्यालय के लिपिक के पकड़े जाने की सूचना पर मौके पर मुख्य अभियंता मोइनुद्दीन और अधिशासी अभियंता आरके सिंह भी पहुंचे। एंटी करप्शन ने अपना परिचय दिया तो दोनों अभियंता कार्यालय छोड़कर चले गए।
इसकी जानकारी इंजीनियरिंग विभाग के अन्य इंजीनियरों और कर्मचारियों को मिली तो वे भी कार्यालय छोड़कर भाग गए। रामविलास पहले चपरासी थे। तत्कालीन अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह ने इन्हें बाबू बना दिया था। जब से मुख्य अभियंता कार्यालय में आए थे। तब से काफी बदलाव आया है। बनारस, चंदौली के अलावा और भी कई जगहों पर अकूत संपत्ति की चर्चा है।