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वाराणसी: अस्पतालों में सफाई व्यवस्था धड़ाम, संक्रमण पर नहीं लग रहा लगाम
Thu, 06 May 2021 11:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 06 May 2021 11:20 PM IST
सार
बीएचयू सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के बाहर खुले में कई दिनों से फेंका जा रहा पीपीई किट
दीनदयाल अस्पताल में भी नहीं हो रहा मेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण
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दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित स्नानागार को बनाया गया कोविड कूड़ाघर अंदर कई दिनों से पड़े बायो कचरे के बंडल बाहर तक फैला कचरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के कोविड अस्पतालों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो पा रहा है। यहां अस्पताल परिसर में खुले में पीपीई किट सहित अन्य मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से भी बार-बार अस्पतालों में साफ-सफाई के साथ ही पीपीई किट सहित अन्य सामानों के इस्तेमाल के बाद उसका सही तरीके से निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है।
बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में पिछले कई दिनों से भर्ती काउंटर के सामने ही खुले में पीपीई किट फेंके जा रहे हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जिस तरह से यहां साफ-सफाई के हालात हैं, उसको देखकर यही लगता है कि निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरीके से फेल है।
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कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से भी बार-बार अस्पतालों में साफ-सफाई के साथ ही पीपीई किट सहित अन्य सामानों के इस्तेमाल के बाद उसका सही तरीके से निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे परे है।
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बीएचयू के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में पिछले कई दिनों से भर्ती काउंटर के सामने ही खुले में पीपीई किट फेंके जा रहे हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। जिस तरह से यहां साफ-सफाई के हालात हैं, उसको देखकर यही लगता है कि निगरानी व्यवस्था भी पूरी तरीके से फेल है।
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दीनदयाल अस्पताल के स्नानागार को बना दिया कूड़ाघर
दीनदयाल अस्पताल में करीब 100 से अधिक मरीज भर्ती हैं। हालत यह है कि यहां मरीजों के परिजनों के लिए स्नानागार बनाए गए हैं, लेकिन अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को भी इसी में फेंका जा रहा है, जैसे यह कूड़ाघर हो। वर्तमान समय में इसको देखकर यही अंदाजा लगा सकता है कि अंदर से लेकर बाहर तक जिस तरह से कूड़ा पसरा है उससे सफाई व्यवस्था किस हद तक हो रही है। इस तरह की स्थिति से संक्रमण के खतरे को फैलने से रोका नहीं जा सकता है।
दीनदयाल अस्पताल में करीब 100 से अधिक मरीज भर्ती हैं। हालत यह है कि यहां मरीजों के परिजनों के लिए स्नानागार बनाए गए हैं, लेकिन अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को भी इसी में फेंका जा रहा है, जैसे यह कूड़ाघर हो। वर्तमान समय में इसको देखकर यही अंदाजा लगा सकता है कि अंदर से लेकर बाहर तक जिस तरह से कूड़ा पसरा है उससे सफाई व्यवस्था किस हद तक हो रही है। इस तरह की स्थिति से संक्रमण के खतरे को फैलने से रोका नहीं जा सकता है।