फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Claims of full resources in hospitals are far from reality

अस्पतालों में पूरे संसाधनों का दावा हकीकत से दूर

Mon, 19 Apr 2021 01:40 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Apr 2021 01:40 AM IST
विज्ञापन
Claims of full resources in hospitals are far from reality
फोटो
विज्ञापन

अस्पतालों में पूरे संसाधनों का दावा हकीकत से दूर
-कोविड हॉस्पिटल के बाहर बेड न होने का नोटिस चस्पा, अन्य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को भी बेड नसीब नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन की भी सुविधा है, लेकिन हकीकत इससे दूर है। न ही कोरोना मरीजों को अस्पतालों में बेड मिल पा रहा है और न ही ऑक्सीजन। अब तो कोविड हास्पिटल के बाहर बेड न होने का नोटिस भी चस्पा हो गई है। कोरोना मरीजों की बात तो दूर अन्य बीमारियों के मरीजो की तबियत बिगड़ने पर भी बेड नहीं मिल रहा है। आलम ये है कि कोई घर की चार पहिया में तो कोई एंबुलेंस में लेकर मरीजों को पड़ा है। कहीं से बेड नहीं मिल रहा है। इस वजह से भागदौड़ कर रहे हैं। रविवार को दीनदयाल अस्पताल के बाहर भी लोग बेड के इंतजार में खड़े रहे। बेड के लिए कंट्रोंल रूम से लेकर सीएमओ आफिस तक फोन की घंटी बजती रही। हर कोई ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर की गुहार लगाता रहा। ये चार केस भी मात्र बानगी भर हैं। ऐसे कई लोग और भी हैं। बता दें कि जिले में कोरोना के सरकारी और निजी अस्पताल मिलाकर 40 कोविड हास्पिटल हैं। इसमे 1860 बेड हैं।
केस 1
दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एक मरीज के परिजन लेकर आए, लेकिन यहां आक्सीजन न होने की वजह से बेड नहीं मिला। बेटा ऑटो में लेकर खड़ा रहा, लेकिन भर्ती नहीं हो सका।
विज्ञापन

केस दो
मदनपुरा निवासी 62 वर्षीय मरीज की 17 अप्रैल को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कंट्रोल रूम में फोन किया तो बेड न होने की जानकारी मिली। रामकृष्ण मिशन में बेड होने की जानकारी मिली तो भी भर्ती नही हों सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस 3
चित्रगुप्त नगर कालोनी निवासी 38 वर्षीय मरीज को सांस लेने में परेशानी हैं। 14 अप्रैल को जांच कराने के बाद रिपोर्ट तो नहीं आई, लेकिन तबीयत बिगड़ती जा रही है। कई अस्पतालों में बात की, लेकिन बेड नहीं मिल रहा।
केस-4
मंडुआडीह निवासी 32 वर्षीय युवक की कोरोना रिपोर्ट 16 अप्रैल को पॉजिटिव आई है। बड़े भाई ने बताया कि कंट्रोल रूम में फोन कर रहे हैं। यहां से बेड न होने की जानकारी दी गई है। फिलहाल घर पर ही इलाज चल रहा है।

कोविड हास्पिटल में बेड की संख्या बढ़ाने के साथ ही वहां ऑक्सीजन सिस्टम के साथ ही वेंटिलेटर वाले हास्पिटल को प्रमुखता दी जा रही है। जरूरत के हिसाब से अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था भी कराई जा रही है, जिससे कि लोगों को बेड और ऑक्सीजन दोनों मिल सके।-डॉ वीबी सिंह,सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed