फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ckaukaghat flyover

पिलर टूटने से पहले शहर ने झेली मुसीबत

Wed, 20 Nov 2019 02:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
ckaukaghat flyover
वाराणसी। फ्लाईओवर फ्लाईओवर निर्माण के लिए रोडवेज के पास का पुराने पिलर टूटने से पहले ही मंगलवार को पूरे शहर को मुसीबत झेलनी पड़ी। पिलर तोड़ने के लिए अंधरा पुल से कैंट रेलवे स्टेशन के बीच बंद किए गए मार्ग के कारण पूरा शहर जाम की चपेट में आ गया। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। प्रशासन के सही प्रबंधन नहीं होने के कारण कैंट से लहरतारा होकर गुजरने वाले ट्रैफिक को तेलियाबाग से सिगरा की ओर मोड़ दिया गया। इससे नदेसर से चौकाघाट और शहर के ज्यादातर इलाके जाम की चपेट में रहे।
विज्ञापन

सेतु निगम ने चौकाघाट फ्लाईओवर निर्माण के तहत पिलर को तोड़ने के लिए रूट डायवर्जन लिया। दरअसल, यातायात विभाग के कहने पर मंगलवार को डायवर्जन के बाद टेस्टिंग का काम चला। इसके चलते केवल रास्ता बंद किया गया, लेकिन पिलर तोड़ने का काम नहीं हुआ। उधर, रास्ता बंद होने से बसें भी रोडवेज तक नहीं जा सकीं। जो सिटी बसें दो से तीन फेरे लगाती थीं, वह एक ही बार में फंस गईं। 45-50 बसें प्रतिदिन निकलती हैं, लेकिन मंगलवार को 20 से 25 बसें ही निकल पाईं। दूसरे वाहन भी नहीं मिले, इसके चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। जो मिले भी वे 30 रुपये के भाड़े का 100 रुपये मांग रहे थे। कई राहगीर अपना सामान लेकर खुद ही पैदल रोडवेज और कैंट स्टेशन की ओर चले आए।
विज्ञापन

यह होना है काम
सेतु निगम के अधिकारियों ने चौकाघाट फ्लाईओवर का निर्माण कार्य खत्म करने की डेडलाइन 15 जनवरी तय की है। इसके तहत पुराने फ्लाईओवर के दो पिलर तोड़ने के बाद नए फ्लाईओवर से जोड़ा जाना है, ताकि चौकाघाट की ओर से आने वाले वाहन रोडवेज के बजाय सीधे लहरतारा की ओर निकल सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन

---कोट---
रूट डायवर्जन यदि करना था तो कम से कम यात्रियों की सुविधा का तो खयाल रखते। हम लोग बाहर से आए हैं। रास्ते की जानकारी भी नहीं है। पैदल ही सामान ढोना पड़ रहा है। -रोहित राज, जौनपुर
---
बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए इंतजाम होने चाहिए थे। कोई वाहन गंतव्य तक पहुंचाने को तैयार नहीं है। प्रशासन को यात्रियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। -दुर्गेश यादव, बरेली
---
बस से उतरकर सामान के साथ एक किलोमीटर चलना पड़ रहा है। कोई व्यवस्था नहीं है। हम लोगों को कोई साधन भी नहीं मिल रहा है। आम जनता को दिक्कत हो रही है। -विवेक यादव, आजमगढ़
--
आटो वालों से कहने पर भी वे नहीं पहुंचा रहे है। दस रुपये के बजाय तीस रुपये मांग रहे हैं। रूट डायवर्जन के पहले यात्री सुविधाओं के बारे में सोचना पड़ेगा। -किशन कुमार गौतम, भदोही

यातायात डायवर्जन लागू करने से पहले उन सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराना चाहिए था, जिन पर वाहनों का दबाव अधिक होता है। -श्रेयांश सिंह, जगतगंज
डायवर्जन के चलते मरीजों और स्कूली बच्चों को खूब परेशानी हुई, घंटों जाम में कराहते रहे। -विशाल यादव, दशाश्वमेध
शहर के बाहरी हिस्सों में रोकी गईं बसें
ब्यूरो
वाराणसी। इंग्लिशिया लाइन, विद्यापीठ रोड, कैंट स्टेशन, चौकाघाट, अंधरापुल, नदेसर, तेलियाबाग, मलदहिया, जगतगंज से जुड़े हिस्सों में मंगलवार सुबह से लेकर रात तक जाम लगा रहा। दोपहर करीब दो बजे नदेसर का पूरा इलाका जाम की चपेट में आ गया। नदेसर चौराहा पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी जाम खुलवाने के लिए मशक्कत करते रहे, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा। सुबह कचहरी और कैंट सहित रोडवेज की ओर जाने वालों को आम दिनों की अपेक्षा आधा घंटा ज्यादा समय लगा। दोपहर बाद वापसी में भी लोग जाम से फंसते हुए घर को लौटे। जाम के चलते आटो व ई-रिक्शा की आवाजाही ठप सी हो गई। शाम के बाद जाम के चलते प्राइवेट व सिटी बसों को शहर के बाहरी हिस्सों में रोक दिया गया। सबसे अधिक परेशानी मरीजों और स्कूली बच्चों को हुई। एंबुलेंस फंसने से कई मरीजों की जान पर बन आई। जाम का दबाव अधिक होने पर परेड कोठी इलाके में खड़ी होने वाली बसों को रोडवेज चौकी पुलिस ने हटवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed