BHU में चोकोलिंगो व्याख्यान: ASI के पूर्व DG बोले- काशी से सोनभद्र तक हेरिटेज पार्क घोषित हो, पर्यटन पर चर्चा
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में बनारस से सोनभद्र के बीच जंगलों पर विस्तृत चर्चा हुई। विरासत और पर्यटन को जोड़ने को लेकर सुझाव दिए गए। वक्ताओं ने बताया कि यहां पर स्थानीय पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
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Varanasi News: बीएचयू के नौवें चोकोलिंगो व्याख्यान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी ने बनारस से सोनभद्र के बीच जंगलों को हेरिटेज पार्क घोषित करने की आवाज उठाई। कला इतिहास और पर्यटन प्रबंधन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विरासत और पर्यटन के संगम विषय पर प्रोफेसरों और छात्रों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि बनारस से लेकर सोनभद्र तक फैले ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर स्थलों के क्षेत्र को हेरिटेज पार्क घोषित किया जा सकता है। इसमें अहरौरा स्थित सम्राट अशोक के शिलालेख, लखनिया जलप्रपात और प्रागैतिहासिक शैल चित्रों, भालदरिया, बरैला के शिव मंदिर, माहुअरिया वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल है। यहां पर स्थानीय पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
सलखन फॉसिल्स पार्क को इस वर्ष यूनेस्को के टेंटेटिव धरोहरों की लिस्ट में शामिल किया गया है। यूपी पर्यटक की ओर से विशेषज्ञों की एक टीम बने, जिसमें बीएचयू के भी वैज्ञानिकों को शामिल किया जाए।
बीएचयू में 1986 में शुरू हुआ था ये ट्रस्ट
फ्रैंक सी चूकोलिंगो और उनकी पत्नी एवा मारिया आर चूकोलिंगों ने 1986 में चूकोलिंगों लिविंग ट्रस्ट की स्थापना की थी। उनकी वसीयत के अनुसार एकेडमिक और शोध गतिविधियों के लिए बीएचयू के भारत विद्या संकाय को दान दिया गया गया था।
वर्तमान में कला संकाय के चार विभाग इतिहास, दर्शनशास्त्र, प्राचीन भारतीय इमिहास और संस्कृति एवं पुरातत्व और संस्कृत के छात्र और छात्राओं को इसमें शामिल किया गया है। इस दौरान कला-इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति राणा ने स्वागत भाषण दिया। भारत कला भवन के निदेशक प्रो. श्रीरूप रॉय चौधुरी, डॉ. निशांत और डॉ. श्याजू समेत बड़ी संख्या में प्रोफेसर और छात्र-छात्रा शामिल रहे।