एसटीपी में क्लोरीन गैस रिसाव: इंद्रदेव ने बचा ली सैकड़ों जिंदगियां, 5 जुलाई को 9 लोगों की जान थी खतरे में
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वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र के दीनापुर एसटीपी में जलनिगम की लापरवाही से शनिवार देर शाम एक बार फिर क्लोरिन गैस का रिसाव हुआ और सैकड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। दो महीने में लगातार दूसरी बार जल निगम की लापरवाही से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।
दरअसल, शनिवार शाम को सारनाथ क्षेत्र के दीनापुर एसटीपी में सीवर साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस की टंकी के वॉल्व से अचानक रिसाव शुरू हो गया। एसटीपी में शोधित मलजल में बैक्टीरिया मुक्त करने के लिए क्लोरिनेशन टैंक बिल्डिंग में सुबह टेस्ट हुआ। शाम साढ़े छह बजे गैस का रिसाव शुरू होने से अफरातफरी मच गई। आसपास की बस्तियों में लोगों का दम घुटने लगा। शाम को हुई बारिश ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी को बचा लिया।
इसके पहले बीते 5 जुलाई को जल संस्थान में क्लोरीन गैस के रिसाव से 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद भी जल निगम ने सबक नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज उठाना पड़ा। नगर निगम के पुराने जानकारों में से एक कांग्रेस के पार्षद सीताराम केसरी ने बताया कि क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना बनारस में दूसरी बार हुई है। हादसे ने जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
एसटीपी की सुरक्षा पर उठा सवाल
दूसरी बार हुई घटना से 220 एमएलडी के एसटीपी की सुरक्षा पर सवाल उठाने लगा। दीनापुर के मनीष राजभर ने कहा कि मेरी पत्नी और नवजात शिशु को सांस लेने में परेशानी होने लगी थी। मुन्ना सिंह का कहना है कि हवा के रुख के साथ क्लोरीन गैस का फैलाव हो रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सलारपुर की रीता मौर्या ने कहा कि गैस रिसाव की सूचना मिलते ही हम लोग अवाक रह गए।