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चित्रा ने जगजीत को भारतरत्न दिलाने के लिए संकट मोचन से की प्रार्थना
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 16 Apr 2017 08:17 PM IST
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मशहूर गजल गायिका चित्रा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मशहूर गजल गायिका चित्रा सिंह ने अपने पति गजल सम्राट जगजीत सिंह को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारतरत्न’ दिलाने के लिए शनिवार को संकट मोचन हनुमान के दरबार में अरजी लगाई।
पहली बार काशी पहुंचीं चित्रा ने दोपहर में संकट मोचन के दरबार में पूजा-प्रार्थना की। गंगा तट पर जगजीत की याद में दीपदान भी किया। इससे पहले वे शहर में घंटों जाम से भी जूझीं।
छावनी क्षेत्र के पांच सितारा होटल से संकट मोचन के लिए दिन में करीब 10:30 बजे निकलीं चित्रा सिंह की कार जाम में फंस गई। इस वजह से उनको मंदिर पहुंचने में देर हो गई। संयोगवश मंदिर के कपाट बंद होने से पहले वे संकट मोचन पहुंच गईं।
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उन्होंने दर्शन-पूजन कर जगजीत सिंह को भारतरत्न दिलाने के लिए प्रार्थना की। मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने भी काशीवासियों की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की कि जगजीत को भारतरत्न से नवाजा जाए।
दर्शन-पूजन के बाद चित्रा ने महंत को पश्मीना शॉल और अपनी कुछ सीडी भेंट की। उन्होंने जगजीत के रहते उनके साथ काशी न आ पाने पर अफसोस भी जाहिर किया। कहा कि पहली बार में ही इस शहर से गहरा लगाव हो गया है। अब वे बनारस आती रहेंगी।
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पहली बार काशी पहुंचीं चित्रा ने दोपहर में संकट मोचन के दरबार में पूजा-प्रार्थना की। गंगा तट पर जगजीत की याद में दीपदान भी किया। इससे पहले वे शहर में घंटों जाम से भी जूझीं।
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छावनी क्षेत्र के पांच सितारा होटल से संकट मोचन के लिए दिन में करीब 10:30 बजे निकलीं चित्रा सिंह की कार जाम में फंस गई। इस वजह से उनको मंदिर पहुंचने में देर हो गई। संयोगवश मंदिर के कपाट बंद होने से पहले वे संकट मोचन पहुंच गईं।
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उन्होंने दर्शन-पूजन कर जगजीत सिंह को भारतरत्न दिलाने के लिए प्रार्थना की। मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने भी काशीवासियों की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी से अपील की कि जगजीत को भारतरत्न से नवाजा जाए।
दर्शन-पूजन के बाद चित्रा ने महंत को पश्मीना शॉल और अपनी कुछ सीडी भेंट की। उन्होंने जगजीत के रहते उनके साथ काशी न आ पाने पर अफसोस भी जाहिर किया। कहा कि पहली बार में ही इस शहर से गहरा लगाव हो गया है। अब वे बनारस आती रहेंगी।
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कला दीर्घा में छाया ‘काशी दर्शन’ और ‘हनुमत चरित्र’
संकट मोचन संगीत समारोह
- फोटो : अमर उजाला
संकट मोचन में संगीत के साथ कला का अनूूठा समन्वय शनिवार को देश-विदेश से पहुंचे संगीत प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। एक तरफ सुर सजे तो दूसरी ओर कलादीर्घा में चित्रकृतियां लुभाती रहीं। मंदिर के मुख्यद्वार पर पहली बार सुरसा के मुंह से निकलते स्प्रिंग के हनुमान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
यहां सेल्फी लेने की होड़ मची रही। इसके अलावा मंदिर परिसर में 165 चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।
‘काशी दर्शन’ और ‘हनुमत चरित्र’ पर आधारित कला दीर्घा का उद्घाटन चित्रा सिंह ने रात नौ बजे किया।
इस मौके पर महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र, डॉ. राजेश्वर आचार्य और प्रो. वीएन मिश्र उपस्थित थे। इसके बाद प्रदर्शनी आम लोगों को लिए खोल दी गई। इसमें हनुमान जी के बाल रूप से लेकर लंका दहन तक के विविध स्वरूपों को रंगों-रेखाओं के जरिए जीवंत किया गया है।
डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में आनंद वन कला समूह के 34 से अधिक कलाकारों ने इन चित्रों को महीने भर में तैयार किया है।
यहां सेल्फी लेने की होड़ मची रही। इसके अलावा मंदिर परिसर में 165 चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई।
‘काशी दर्शन’ और ‘हनुमत चरित्र’ पर आधारित कला दीर्घा का उद्घाटन चित्रा सिंह ने रात नौ बजे किया।
इस मौके पर महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र, डॉ. राजेश्वर आचार्य और प्रो. वीएन मिश्र उपस्थित थे। इसके बाद प्रदर्शनी आम लोगों को लिए खोल दी गई। इसमें हनुमान जी के बाल रूप से लेकर लंका दहन तक के विविध स्वरूपों को रंगों-रेखाओं के जरिए जीवंत किया गया है।
डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा के निर्देशन में आनंद वन कला समूह के 34 से अधिक कलाकारों ने इन चित्रों को महीने भर में तैयार किया है।