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Varanasi: रक्षाबंधन से पहले भाई को मिला तोहफा, बच्चों ने सड़क पर छोड़ा तो बहन ले गई अपने घर

Wed, 27 Jul 2022 11:39 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 27 Jul 2022 11:39 AM IST
सार

आजमगढ़ निवासी हरिद्वार सिंह पिछले एक महीने से वाराणसी के कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में भर्ती थे। उपचार के बाद कई दिनों तक सड़कों पर भटकते रहे। उसके बाद उनके साथ जो हुआ वो चौंकाने वाला है। 

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children denied to take home but sister took responsibility of a old man in up
फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बच्चों द्वारा छोड़ने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर बुजुर्ग को कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल से एक महीने पहले अपना घर आश्रम लाया गया था। आजमगढ़ निवासी हरिद्वार सिंह लावारिस वार्ड में भर्ती थे, यहां से छुट्टी मिलने के बाद कई दिनों तक सड़क पर असहाय पड़े थे। सूचना मिलने पर अपना घर आश्रम की टीम ने उन्हें रेस्क्यू किया।
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लगातार उपचार के बाद उन्होंने अपने घर का पता आजमगढ़ बताया। इसके बाद संस्था की ओर से उनके बच्चों से दिल्ली में संपर्क किया गया, लेकिन बच्चों ने पास रखने से मना कर दिया। उन्होंने जौनपुर में रहने वाली बहन से संपर्क किया। संस्था की सुशीला लोहिया की मदद से बहन से बातचीत की। सूचना मिलने पर बहन अपने भाई को घर लाने को तैयार हो गई। रक्षाबंधन के पहले भाई बहन के मिलन से सभी की आंखों से आंसू निकल गए। 
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