मिर्जापुर: मड़हे में आग लगने से बालक की जिंदा जलकर मौत, बच्चे को छोड़ कर मां गई थी बहन के घर
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित पड़री थाना क्षेत्र के जरहा गांव में मंगलवार की दोपहर पाही पर बने मड़हे में आग लगने से 10 वर्षीय बालक अंदर फंस गया। शोर सुनकर उसके साथियों ने ग्रामीणों को बुलाया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया। दरवाजा बंद होने के कारण बालक बाहर नहीं निकल सका। जब तक आग पर काबू पाया गया। तब तक बालक की जलकर मौत हो गई थी। बालक की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। बालक की मौत के बाद सभी यही प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर आग कैसे लगी।
जरहा गांव निवासी कैलाश गुजरात में रहते हैं। उनकी पत्नी शीला अपनी एक पुत्री और दो पुत्र के साथ गांव से 200 मीटर दूर पाही पर बने मड़हे में रहती हैं। मंगलवार की सुबह शीला रेक्शा गांव स्थित अपनी बहन के घर किसी काम से गई थीं। उनके तीनों बच्चे 12 वर्षीय उर्मिला, 10 वर्षीय शिवम और सात वर्षीय शुभम गांव के अन्य बच्चों के साथ पाही के पास खेल रहे थे। शीला मड़हे में ताला लगाकर गई थी।
खेलते समय शिवम सामान लेने के लिए मड़हे के पीछे की तरफ झरोखे से अंदर घुसा। तभी मड़हे में पीछे की ओर से अचानक आग लग गई। आग लगने पर खेल रहे बच्चों ने शिवम के चीखने की आवाज सुनी। मड़हे का दरवाजा बंद था और पीछे जहां से वह घुसा था, वहीं पर आग लगी थी। इससे वह बाहर नहीं निकल पाया। बच्चों ने 200 मीटर दूर गांव में जाकर ग्रामीणों को सूचना दी। जब तक ग्रामीण पहुंचते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। आग में जलकर शिवम की मौत हो गई।
सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष वेंकटेश तिवारी ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। बालक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर तहसीलदार सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
आखिर कैसे लगी आग
आग लगने से बालक की मौत के बाद सभी यही प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर आग कैसे लगी। गांव में चर्चा है कि शीला अपनी बहन के घर गई थी तो पाही के पास उसके बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ आलू दम बना रहे थे। हो सकता है कि आलू दम बनाते समय निकली चिंगारी से मड़हे में आग लग गई। दरवाजा बंद होने पर बालक पीछे से मड़हे में घुसा था। मड़हे में पीछे की तरफ ही आग लगी। इससे परिजन आशंका जता रहे कि कहीं किसी ने साजिशन तो आग नहीं लगाई।
मां का रोकर बुरा हाल, काश घर पर होती
आग लगने पर बालक की मौत होने पर घर पहुंची मां शीला का रो-रोकर बुरा हाल है। शीला बार-बार यही कह रही है कि काश वह अपनी बहन के घर नहीं गई होती। घर पर होती तो शायद यह हादसा ना होता और उसका पुत्र उसके पास होता।
मड़हे में बाइक और अन्य सामान भी जले
जरहा गांव के मड़हे में आग लगने से बालक की जिंदा जलने से मौत होने के साथ उसमें रखी बाइक और गृहस्थी जलकर राख हो गई। शीला और कैलाश पुत्र में गम में बेहोश जा रहे थे। ग्रामीणों ने परिवार के मदद की गुहार लगाई है।