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काशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्य कार्यपालक ने तोड़ा नियम, दरोगा ने टोका तो नेमप्लेट और मोबाइल छीना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:37 AM IST
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा विदेशी महिला नागरिक को छत्ताद्वार से प्रवेश कराने पर सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक हो गई। मंदिर के नियमों के विरुद्ध जाने पर दरोगा ने जब मुख्य कार्यपालक को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उसकी नेमप्लेट और मोबाइल छीन लिया।
पूरा मामला रेड जोन के सीसीटीवी में भी दर्ज है। शुक्रवार को सुबह 8:35 बजे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह अपने साथ तीन भारतीय और एक विदेशी महिला को छत्ताद्वार से लेकर मंदिर में जा रहे थे।
सुरक्षा प्वाइंट पर तैनात दरोगा ने उन्हें रोका और कहा कि इस द्वार से विदेशी नागरिकों को प्रवेश नहीं दिया जाता है। आप कहें तो गेट नंबर दो सरस्वती फाटक से एक जवान के साथ इनको भेज दिया जाएगा। दरोगा की यह बात मुख्य कार्यपालक को नागवार गुजरी।
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दरोगा की बातों को अनसुना करके वह जबरदस्ती आगे बढ़ गए। दरोगा ने उन सभी लोगों की तस्वीर अपनी मोबाइल में कैद कर ली। इस पर मुख्य कार्यपालक भड़क गए और वापस आकर दरोगा का मोबाइल और नेमप्लेट छीन ली। इसके बाद दोनों तरफ से विवाद बढ़ गया।
मामले की जानकारी होते ही पाली प्रभारी मौके पर पहुंचे और मुख्य कार्यपालक को बताया कि विदेशी नागरिकों को सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाता है और रेड जोन स्थित पुलिस चौकी द्वारा उनकी डिटेल भरी जाती है।
उसके बाद ही कोई भी विदेशी मंदिर क्षेत्र में प्रवेश करता है। इतनी जानकारी देने के बाद भी मुख्य कार्यपालक उक्त विदेशी महिला को अपने साथ लेकर कार्यालय में गए।
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पूरा मामला रेड जोन के सीसीटीवी में भी दर्ज है। शुक्रवार को सुबह 8:35 बजे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह अपने साथ तीन भारतीय और एक विदेशी महिला को छत्ताद्वार से लेकर मंदिर में जा रहे थे।
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सुरक्षा प्वाइंट पर तैनात दरोगा ने उन्हें रोका और कहा कि इस द्वार से विदेशी नागरिकों को प्रवेश नहीं दिया जाता है। आप कहें तो गेट नंबर दो सरस्वती फाटक से एक जवान के साथ इनको भेज दिया जाएगा। दरोगा की यह बात मुख्य कार्यपालक को नागवार गुजरी।
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दरोगा की बातों को अनसुना करके वह जबरदस्ती आगे बढ़ गए। दरोगा ने उन सभी लोगों की तस्वीर अपनी मोबाइल में कैद कर ली। इस पर मुख्य कार्यपालक भड़क गए और वापस आकर दरोगा का मोबाइल और नेमप्लेट छीन ली। इसके बाद दोनों तरफ से विवाद बढ़ गया।
मामले की जानकारी होते ही पाली प्रभारी मौके पर पहुंचे और मुख्य कार्यपालक को बताया कि विदेशी नागरिकों को सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाता है और रेड जोन स्थित पुलिस चौकी द्वारा उनकी डिटेल भरी जाती है।
उसके बाद ही कोई भी विदेशी मंदिर क्षेत्र में प्रवेश करता है। इतनी जानकारी देने के बाद भी मुख्य कार्यपालक उक्त विदेशी महिला को अपने साथ लेकर कार्यालय में गए।
ये है नियम
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इस घटना के बाद पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ के जवानों में आक्रोश है। पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। देर शाम को एसपी सिटी दिनेश सिंह, सीओ ज्ञानवापी मंदिर परिसर में पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इससे पहले पूर्व में अपर मुख्य कार्यपालक भी बाबा गर्भगृह में फोटो करने को लेकर विवाद में फंसे थे।
ज्ञानवापी छत्ताद्वार गेट नंबर चार से किसी भी विदेशी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। इनके लिये सरस्वती फाटक गेट नंबर दो को बनाया गया है। इसी रास्ते से विदेशी पर्यटक जाते हैं और मंदिर पुलिस चौकी पर इनके पासपोर्ट की इंट्री होती है। दर्शन के बाद वे पर्यटक फिर उसी रास्ते से निकल जाते हैं।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप और नोकझोंक की बात पूरी तरह से गलत है। सुरक्षाकर्मी द्वारा रोकने पर पूरे मामले की जानकारी सीओ को दे गई थी।
एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। दरोगा और सीईओ का बयान दर्ज कराकर पूरे मामले की रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी।
ज्ञानवापी छत्ताद्वार गेट नंबर चार से किसी भी विदेशी को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। इनके लिये सरस्वती फाटक गेट नंबर दो को बनाया गया है। इसी रास्ते से विदेशी पर्यटक जाते हैं और मंदिर पुलिस चौकी पर इनके पासपोर्ट की इंट्री होती है। दर्शन के बाद वे पर्यटक फिर उसी रास्ते से निकल जाते हैं।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप और नोकझोंक की बात पूरी तरह से गलत है। सुरक्षाकर्मी द्वारा रोकने पर पूरे मामले की जानकारी सीओ को दे गई थी।
एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। दरोगा और सीईओ का बयान दर्ज कराकर पूरे मामले की रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी।