कोरोना के बाद बर्ड फ्लू का असर, बाजारों के साथ होटल-रेस्टोरेंट से मुर्गा गायब
पहले कोरोना वायरस और अब बर्ड फ्लू के चलते शहर के मुर्गा की दुकानों पर सन्नाटा छा गया है। पोल्ट्री फार्मों पर मुर्गा तैयार है लेकिन खरीदारी को कोई आगे नहीं आ रहा। जिले के 160 पोल्ट्री फार्मों पर मुर्गा पड़े हुए हैं लेकिन दुकानदार आर्डर नहीं दे रहे हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में मुर्गा की दुकानों पर बिक्री भी घट गई है। पहले जहां 150 से 160 रुपये किलो में चिकन बिकता था तो वहीं अब 110-120 रुपये किलो बेचने पर भी ग्राहक नहीं लेने नहीं आ रहे।
कहीं न कहीं लोगों के मन में बर्ड फ्लू को लेकर भय व्याप्त है। शहर में करीब 60 फीसदी मुर्गा की बिक्री घट गई है। बेनिया, नई सड़क, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, भेलूपुर, लंका, सुंदरपुर, चितईपुर, मंडुवाडीह और वरूणापार इलाकों के अधिकतर मुर्गा की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। शहर में लगभग 20 क्विंटल से अधिक चिकन की बिक्री होती है। बर्ड फ्लू के चलते कारोबार 60 फीसदी घट गया है।
सफेद मुर्गा से तौबा, लाल पर अधिक जोर
शहर के मुर्गा की दुकानों पर चिकन की बिक्री तो घटी है लेकिन कहीं न कहीं कुछ ऐसे भी ग्राहक है तो सफेद यानि की पोल्ट्री फार्म वाले मुर्गा नहीं लेकर बल्कि लाल मुर्गा को अधिक तवज्जों दे रहे हैं। सफेद मुर्गा का मीट 120 रुपये किलो और खड़ा लाल मुर्गा 140 रुपये में मिल रहा है। सुंदरपुर के मुर्गा विक्रेता शमीम अंसारी के अनुसार सफेद मुर्गा कम और लाल मुर्गा अधिक बिक रहा है। हालांकि इधर कुछ दिनों से मुर्गा की ब्रिकी घट गई है।
होटल-ढाबों से लेकर चिकन बिरयानी तक की घटी बिक्री
शहर के विभिन्न इलाकों सहित हाईवे किनारे होटल व रेस्टारेंट में भी लोगों ने मीट-मुर्गे से तौबा कर दी है। फ्राई व चिकन बिरयानी भी प्रभावित है। शहर में चिकन बिरयानी की दुकानों पर बिक्री प्रभावित है। लंका, मदनपुरा, नई सड़क, चेतगंज और सिगरा सहित कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास और अर्दली बाजार में चिकन बिरयानी, मुरादाबादी, हैदराबादी बिरयानी की कई दुकानें हैं। यहां पर पहले जैसी बिक्री नहीं रह गई है।
मटन-मछली की मांग अधिक
चिकन की बिक्री घटी है तो वहीं मटन व मछली की मांग अधिक हो गई है। 540-580 रुपये प्रति किलो मटन और 120 से 250 रुपये किलो तक विभिन्न प्रजातियों की मछली बिक रही हैं। सुंदरपुर और चौकाघाट सहित अन्य इलाकों में लगने वाली मछली मंडी में कोई कमी नहीं आई है।
खुले में बिक रहा मीट
स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग की ओर से मीट मुर्गा की दुकानों पर विशेष गाइड लाइन जारी की गई है। कुछ दिनों तक तो नियमों का पालन हुआ लेकिन अब एक बार फिर स्थिति जस की तस हो गई है। बिना कपड़े और शीशे से ढके हुए खुले में मीट-मुर्गा बेचा जा रहा है।