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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   ChhathPooja2023: If the mind is healed then Ganga is situated on the terrace and courtyard

Chhath Pooja 2023: मन चंगा तो छत और आंगन में ही गंगा, टब में कुंड बनाकर देते हैं सूर्य देवता को अर्घ्य

Sun, 19 Nov 2023 01:54 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 19 Nov 2023 01:54 PM IST
सार

मंडुवाडीह स्थित गणपति रेजिडेंसी में महिलाएं अपार्टमेंट की छत पर ही ग्रुप में छठ की पूजा करती हैं। छठ से पहले ही स्वीमिंग पूल की अच्छे से सफाई करा दी जाती है। सोसाइटी में रहने वाली मंजु सिन्हा ने बताया कि घाट पर ज्यादा भीड़ होती है। इससे बचने के लिए हम लोग छत पर ही पूजा करते हैं। मीना राय का कहना है कि घर पर पूजा करने में आसानी होती है।

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ChhathPooja2023: If the mind is healed then Ganga is situated on the terrace and courtyard
Chhath Puja 2023 - फोटो : संवाद

विस्तार

मन चंगा तो कठौती में गंगा...। इसी तर्ज पर लोग अब मन चंगा तो छत और आंगन में गंगा को आधार मानकर घर पर छठ की पूजा कर रहे हैं। बदलते दौर में भीड़ से बचने के लिए अपने घरों में ही लोक आस्था के महापर्व के अनुष्ठान पूरा कर रहे हैं। घर के आंगन में टब में कुंड बनाकर तो सोसाइटी के स्वीमिंग पूल में अर्घ्य देते हैं। शहर में ऐसी कई सोसाइटियां और कॉलोनियां हैं, जहां व्रती महिलाएं घर पर ही पूरी आस्था के साथ छठ पूजा कर रही हैं।

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नहीं जा पाते घाट तो छत पर करते हैं पूजा

वरुणा गार्डेन में रहने वाली मीनू सिंह और उनके पति सुशील सिंह उम्र ज्यादा होने की वजह से घाट पर नहीं जा पाते। छत की छत पर टब में पानी भरकर उसमें गंगाजल अर्पित उसे ही गंगा मान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। मीनू सिंह ने बताया कि छत पर पूजा करने के दो फायदे हैं। एक तो शांत मन से पूजा होती है और दूसरा सूर्य देव के दर्शन अच्छे से होते हैं। इससे पहले मुंबई रहती थी तब भी सोसाइटी की छत पर ही पूजा करती थी। बनारस आने के बाद भी छत पर ही पूजा कर रही हैं। उनके साथ अपार्टमेंट में रहने वाली मंजू, विजया श्रीवास्तव व आसपास के लोग भी पूजा करने आते हैं।

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महिलाओं का ग्रुप स्वीमिंग पूल में देता है सूर्य को अर्घ्य

मंडुवाडीह स्थित गणपति रेजिडेंसी में महिलाएं अपार्टमेंट की छत पर ही ग्रुप में छठ की पूजा करती हैं। छठ से पहले ही स्वीमिंग पूल की अच्छे से सफाई करा दी जाती है। सोसाइटी में रहने वाली मंजु सिन्हा ने बताया कि घाट पर ज्यादा भीड़ होती है। इससे बचने के लिए हम लोग छत पर ही पूजा करते हैं। मीना राय का कहना है कि घर पर पूजा करने में आसानी होती है। घाट पर ज्यादा भीड़ होने से कई बार समस्या आती है। वैसे ही ये पर्व आस्था का है। हमें आस्था से पूजा करनी है फिर चाहे वो गंगा घाट हो या घर की छत। उनके साथ शालिनी सिंह, रेश्मा, गरिमा भी छठ पूजा में शामिल होती हैं।

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कॉलोनियों में कुंड में धूमधाम से मनता है छठ

वीडीए कॉलोनी के साथ ही शहर की कई कॉलोनियां ऐसी हैं जहां छठ के लिए खास तौर से कुंड बनाए गए हैं। आईएमएस बीएचयू ब्लड बैंक कर्मचारी रजनी ने बताया कि चांदमारी स्थित वीडीए कॉलोनी में परिवार और कॉलोनी के अन्य सदस्यों के साथ पूजा करती हैं। बंगलूरू से उनकी बहन अंजु और पटना से अल्पना, देवरिया से मधु भी छठ पूजा करने आई हैं। उन्होंने बताया कि पहले घाट पर जाने का प्लान था लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से कॉलोनी में ही पूजा कर रही हैं। वहीं अन्य कॉलोनियों में लोग आंगन और घर के बाहर कुंड बनाकर पूजा करने की तैयारी में हैं।

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