डाला छठ: घाट पर गाद...ट्रेनों में भीड़, बनारस में कई जगह सड़क पर लटकते तार; समस्याओं के बीच कैसे होगी पूजा?
Chhath Puja 2025: लोक आस्था के महापर्व डाला छठ को लेकर काशी में तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोग सामानों की खरीदारी करने लगे हैं। रेलवे और बस स्टेशनों पर लोग बाहर से आकर अपने घर पर हो रही इस पूजा में शामिल हो रहे हैं।
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Varanasi News: डाला छठ पूजन की शुरुआत नहाय खाय के साथ शनिवार से होगी। बावजूद घाट से लेकर कुंड तक गाद, कीचड़ और कचरा पसरा है। शिवाला घाट पर अब तक सिल्ट है। चेत सिंह घाट पर सिल्ट पड़ा है।
चौसट्टी घाट पर मजदूर सिल्ट काटकर गंगा में बहा रहे हैं। हरिश्चंद्र घाट पर आधी मंदिर सिल्ट में है। लक्ष्मीकुंड पर काली प्रतिमाओं का विसर्जन होने से अवशेष पड़े हैं। ईश्वरगंगी कुंड की सीढि़यों पर गंदगी पड़ी है। सूरजकुंड की भी स्थिति बेहतर नहीं है। यहां पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। रामकुंड की स्थिति बेहतर है। यहां पूजा वाले दिन विशेष सफाई होगी।
उधर गंगा में असि घाट पर बहने वाली नाली से बन रहे गड्ढे को ध्यान में रखकर लगभग तीन फीट गहरा सिल्ट खोदकर प्लास्टिक की पाइप बिछाई गई है। इसी से गंदा पानी जाएगा। पिछले दिनों एनजीटी ने गंदा पानी रोकने का निर्देश दिया था। 50 मीटर पाइप बिछाई गई ताकि किसी प्रकार की अड़चन छठ पूजा करने वाले व्रतियों काे न होने पाए।
एक दिन पूर्व नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद ने निर्देश दिए थे कि 150 पंप और हर घाट पर 10 मजदूर लगाएं। इसका पालन नगर निगम ने कराया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने सभी 84 घाटों की व्यवस्था के लिए 4 नोडल और 6 सह नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। जो सभी घाटों की व्यवस्था देखेंगे। चार अपर नगर आयुक्त को नोडल और 6 सहायक नगर आयुक्त को सह नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें घाटों की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। उधर, मेयर अशोक कुमार तिवारी ने शुक्रवार को सामने घाट से नमो घाट तक का निरीक्षण किया।
ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर घर पहुंचे यात्री, ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग
छठ पर्व पर घर लौटने के लिए दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों से बिहार जाने वाली ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सीट नहीं मिलने के कारण कई लोग खड़े होकर या दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे हैं। शुक्रवार दोपहर कैंट रेलवे स्टेशन पर भी यही दृश्य देखा गया।
छठ पर्व नहाय-खाय के साथ शनिवार से शुरू होगा। इस समय दिल्ली, मुंबई, सूरत, पुणे आदि शहरों से आने वाली गाड़ियों में भारी भीड़ है। दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट और श्रमजीवी एक्सप्रेस में 30 अक्तूबर तक सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। मुंबई से वाराणसी आने वाली 11061 एलटीटी-जयनगर और 15017 एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में भी 30 अक्तूबर तक सीट नहीं है। अन्य गाड़ियों में 100 से अधिक वेटिंग है। शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर नौ पर कोटा-पटना एक्सप्रेस आई।
यात्रियों को स्लीपर या जनरल बोगी में सीट नहीं मिली, कई लोग खड़े हुए और कुछ दरवाजे पर बैठकर यात्रा कर रहे थे। बलिया, गाजीपुर और रांची जाने वाली गाड़ियों में भी यही स्थिति रही।
भीड़ को देख अतिरिक्त आरपीएफ और कमर्शियल स्टाफ तैनात हैं। प्लेटफाॅर्म पर अनाउंसमेंट से यात्रियों से दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा न करने और आरक्षण वाले यात्रियों को परेशान न करने की अपील की जा रही है। होल्डिंग एरिया में कर्मचारी जनरल टिकट लेने में मदद करता है। - बीके यादव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे
घाटों को जाने वाले रास्ते पर लटक रहे बिजली के तार, करंट का खतरा
छठ पर्व को लेकर घाटों पर वेदी बनाने सहित अन्य तैयारियां शुरू हो गई है। इस बीच मेन रोड से लेकर घाटों की ओर जाने वाली गलियों में बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं और बॉक्स भी नीचे रखा है, उससे करंट का खतरा बना है। शुक्रवार को आदमपुर इलाके में गायघाट से लेकर अन्य घाटों और अस्सी घाट से शिवाला घाट की ओर जाने वाली गलियों में इसी तरह का दृश्य देखने को मिला।
बिजली निगम की ओर से घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर बेहतर व्यवस्था के दावे भी किए जा रहे हैं लेकिन अस्सी, शिवाला, भदैनी, गायघाट, पंचगंगा, ब्रह्माघाट, दुर्गाघाट, सिंधियाघाट, चेतसिंह घाट जाने वाले रास्ते पर कई जगहों पर बिजली के मोटे मोटे तार इतना नीचे लटक रहे हैं।
अस्सी घाट से ठीक पहले सड़क पर इसी तरह का दृश्य नजर आया। पंचगंगा घाट, गाय घाट, त्रिलोचन महादेव घाट, नया घाट, सक्का घाट, गोला घाट और प्रह्लाद घाट की ओर जाने वाली गलियों में लगे अंडरग्राउंड वायरिंग सिस्टम के केबल बॉक्स बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं।
मंत्री ने देर रात किया निरीक्षण, बोले- छठ पूजा से पहले सभी व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने छठ पूजा से पहले शुक्रवार देर रात अस्सी समेत अन्य घाटों का निरीक्षण किया। सुरक्षा, सफाई, शौचालय, पानी, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था के निर्देश दिए। कहा एलईडी लाइट, हाईमास्ट और झालरों से रोशनी की व्यवस्था की जाए।
घाटों पर स्वच्छता अभियान विशेष रूप से चले। सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न हो। कूड़े-कचरे को नियंत्रित करने के लिए घाटों पर डस्टबिन रखने और लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती करें।
निरीक्षण में मंडलायुक्त एस राजलिंगम, पूर्वांचल विद्युत वितरण के एमडी शंभू कुमार, नगर आयुक्त अक्षत वर्मा आदि मौजूद रहे। अस्सी घाट पर पत्रकारों से नगर विकास मंत्री ने कहा कि पीएम ने फावड़ा चलाकर अस्सी घाट से स्वच्छता का संदेश दिया था। इस बार मां गंगा का जलस्तर कई बार उतार चढ़ाव पर रहा। छठ को ध्यान में रखकर इस घाट को तैयार किया जाएगा।