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काशी विश्वनाथ मंदिर में अन्नकूट के प्रसाद के नाम पर श्रद्धालुओं से धोखा
amarujala.com- Written by:अनूप ओझा
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:47 PM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : FILE PHOTO
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बाबा विश्वनाथ को चढ़ाए गए अन्नकूट के प्रसाद में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। बाबा को अर्पित तो किया गया था छप्पन भोग लेकिन भक्तों को बेचे जा रहे प्रसाद में गिनती के लड्डू और मठरी रख दी गई है। प्रसाद के डिब्बे का आकार भी छोटा कर दिया गया है।न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एसएन त्रिपाठी से शिकायत की जांच कराने के लिए कहा है।
काशी में दीपावली के दूसरे दिन मनाए जाने वाले अन्नकूट महोत्सव पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में देशी घी से तैयार लड्डुओं का शिवालय बनाकर गर्भगृह के सामने सजाया गया था। बाबा को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया था। इसमें मेवा, खोवा, छेना से बनी तरह-तरह की मिठाइयों के अलावा नमकीन, मठरी, सूजी के लड्डू और सूखे मेवे भी थे। महोत्सव के समापन के बाद इसके प्रसाद के पैकेट तैयार करवाकर मंदिर प्रशासन की ओर से काउंटर से बेचे जाने लगे।
पिछले वर्ष जहां अन्नकूट के प्रसाद के पैकेट में 150 रुपये में एक किलो वजन तक की विविध प्रकार की मिठाइयां और नमकीन शामिल थे, वहीं इस बार सिर्फ मठरी और सूजी के कुछ लड्डू डिब्बे में बंद कर उसी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। वजन पांच सौ ग्राम से भी कम है। इतना ही नहीं, कुछ भक्तों की शिकायत है कि काउंटर से उनको अन्नकूट के प्रसाद की रसीद भी नहीं दी गई।
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इस मामले में पूछने पर सीईओ ने कहा कि अन्नकूट के प्रसाद में गड़बड़ी कहां से और किस स्तर पर की गई, इसका पता लगाया जाएगा। यह करतूत बाबुओं की हो सकती है। बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी निखिलेश मिश्रा की निगरानी में अन्नकूट का प्रसाद भक्तों को मुफ्त वितरित कराने का निर्देश दिया है।
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काशी में दीपावली के दूसरे दिन मनाए जाने वाले अन्नकूट महोत्सव पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में देशी घी से तैयार लड्डुओं का शिवालय बनाकर गर्भगृह के सामने सजाया गया था। बाबा को छप्पन भोग भी अर्पित किया गया था। इसमें मेवा, खोवा, छेना से बनी तरह-तरह की मिठाइयों के अलावा नमकीन, मठरी, सूजी के लड्डू और सूखे मेवे भी थे। महोत्सव के समापन के बाद इसके प्रसाद के पैकेट तैयार करवाकर मंदिर प्रशासन की ओर से काउंटर से बेचे जाने लगे।
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पिछले वर्ष जहां अन्नकूट के प्रसाद के पैकेट में 150 रुपये में एक किलो वजन तक की विविध प्रकार की मिठाइयां और नमकीन शामिल थे, वहीं इस बार सिर्फ मठरी और सूजी के कुछ लड्डू डिब्बे में बंद कर उसी कीमत पर बेचे जा रहे हैं। वजन पांच सौ ग्राम से भी कम है। इतना ही नहीं, कुछ भक्तों की शिकायत है कि काउंटर से उनको अन्नकूट के प्रसाद की रसीद भी नहीं दी गई।
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इस मामले में पूछने पर सीईओ ने कहा कि अन्नकूट के प्रसाद में गड़बड़ी कहां से और किस स्तर पर की गई, इसका पता लगाया जाएगा। यह करतूत बाबुओं की हो सकती है। बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी निखिलेश मिश्रा की निगरानी में अन्नकूट का प्रसाद भक्तों को मुफ्त वितरित कराने का निर्देश दिया है।
ये काम न होने से कमिश्नर भी नाराज
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण
कार्यपालक समिति के सभापति/मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने सोमवार को विश्वनाथ मंदिर नवीनीकरण/जीर्णोद्धार परियोजना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निर्माण कार्यों की धीमी गति पर अभियंताओं को फटकार लगाई।
अन्नक्षेत्र का निर्माण अब तक शुरू न कराए जाने पर भी नाराज हुए। नए भवनों की खरीद के अलावा परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।
दोपहर बाद विश्वनाथ मंदिर पहुंचे मंडलायुक्त ने गोयनका भवन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के अलावा ठेकेदार से कार्य की प्रगति और गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने हाल में ही जिस अन्नक्षेत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, उसका काम शुरू न होने की वजहों के बारे में पूछा। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के अभियंताओं से उन्होंने जल्द काम शुरू कराने को कहा।
इसके अलावा एसीईओ निखिलेश कुमार मिश्र से उन्होंने भवनों की खरीद से संबंधित नए सौदों के बारे में भी जानकारी ली। मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को सचेत किया कि वह परिसर में गिराए गए भवनों का मलबा तेजी से हटवाएं। अधिकारियों को हिदायत दी कि मंदिर परिसर को साफ-सुथरा रखा जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
अन्नक्षेत्र का निर्माण अब तक शुरू न कराए जाने पर भी नाराज हुए। नए भवनों की खरीद के अलावा परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया।
दोपहर बाद विश्वनाथ मंदिर पहुंचे मंडलायुक्त ने गोयनका भवन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के अलावा ठेकेदार से कार्य की प्रगति और गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने हाल में ही जिस अन्नक्षेत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, उसका काम शुरू न होने की वजहों के बारे में पूछा। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के अभियंताओं से उन्होंने जल्द काम शुरू कराने को कहा।
इसके अलावा एसीईओ निखिलेश कुमार मिश्र से उन्होंने भवनों की खरीद से संबंधित नए सौदों के बारे में भी जानकारी ली। मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को सचेत किया कि वह परिसर में गिराए गए भवनों का मलबा तेजी से हटवाएं। अधिकारियों को हिदायत दी कि मंदिर परिसर को साफ-सुथरा रखा जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।