दीपिका का लक्ष्मी बनना है काबिलेतारीफः फिल्म निर्माता रश्मि लांबा
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वाराणसी। फिल्में अब केवल कहानी नहीं हैं, उसके आगे की कहानी हैं। छपाक में दीपिका ने ग्लैमर को छोड़कर जो किरदार निभाया वह काबिलेतारीफ है। जो लोग दीपिका को ग्लैमरस रूप में देखना चाहते हैं, वह छपाक देखना नहीं चाहते हैं। वह समाज की कड़वी सच्चाई को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं।
दीपिका के पास आप्शन था कि वह ग्लैमरस रोल करें लेकिन उन्होंने लक्ष्मी का किरदार चुना। जब आप कहानी के आगे जाएंगे, तब आपका नजरिया बदलेगा। यह कहना है फिल्म और टीवी कार्यक्रम निर्माता रश्मि लांबा का।
रविवार को काशी पहुंची रश्मि ने बताया कि नए भारत का युवा अब सवाल करने लगा है। युवा खुद से निकलकर सामने आ रहे हैं। यह न्यू इंडिया के लिए सकारात्मक है। युवा समाज के ज्वलंत मुद्दों पर फिल्में बना रहे हैं। डाक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से समाज में जो संदेश जा रहा है और युवा उससे जुड़ रहे हैं। फिल्म वह माध्यम है, जिसके जरिए हम बहुत कुछ कह सकते हैं।
समाज को संदेश देने का सबसे सशक्त माध्यम है। उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए जो सरकार की योजना है, उससे फिल्मकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है लेकिन डाक्यूमेंट्री फिल्मों के लिए भी सरकार को कुछ करना चाहिए। 70 के दशक में जब मैंने फिल्म इंडस्ट्री में कॅरियर शुरू करने की बात कही तो पैरेंट्स ने मना कर दिया। दूरदर्शन से काम शुरू किया, डाक्यूमेंट्री बनाई और उसके बाद खुद का प्रोडक्शन शुरू किया। मां बाप को चाहिए कि लड़कियों को केवल शिक्षा देकर शादी कराना जरूरी नहीं है, वह उन्हें इस काबिल बनाएं कि वह अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकें।