देश के 50 लोकप्रिय जिलाधिकारियों में शुमार चंदौली के डीएम, इन बेहतर कामों ने दिलाई पहचान
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देश के अति पिछड़े जिले में शामिल चंदौली में विकास का पहिया दौड़ाने पर डीएम नवनीत सिंह चहल को देश के 50 लोकप्रिय जिलाधिकारियों में शुमार करा दिया है। एक पत्रिका की लोकप्रिय जिलाधिकारियो की सूची में इनका नाम भी शामिल किया गया है। पत्रिका ने डीएम नवनीत सिंह चहल को व्यवहारकुशल, बेहतर कार्यप्रणाली, जनहित से जुड़ी योजनाओं को समाज अंतिम पायदान तक पहुंचाने के लिए उन्हें यह उपलब्धि दी है।
मार्च 2018 में जिले में कमान सभालने के बाद निरंतर विकास को गति देने में जुटे रहे। कृषि के क्षेत्र में ब्लैक राइस से जिले को नई पहचान दिलाई तो, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों/वालंटियर्स तैयार कर बच्चों को बेहतर तालीम देने की शुरुआत की। वहीं सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा समाजसेवा से जुड़े लोगों को प्रेरित कर कुपोषित बच्चों को गोद दिलाने का काम किया।
उनके नेतृत्व में जिले ने कई उपलब्धियां हासिल की है स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और मनरेगा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इस पर केंद्र सरकार से जिले के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का इनाम भी मिल चुका है। नीति आयोग की रैंकिग में देश के 108 अति पिछड़े जिलों में अलग-अलग समयांतराल में पहले और दूसरे स्थान पर रहा है।
कोरोना संक्रमण ने प्रदेश में सबसे अंत में चंदौली में दस्तक दी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने मास्क बनाने में प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया। नीति आयोग ने जनवरी 2018 में चंदौली को देश के 108 अति पिछड़े जिलों में शामिल किया था। अमरोहा में तैनात रहे आइएएस नवनीत सिंह चहल की जिलाधिकारी के रूप में चंदौली में दूसरी पोस्टिग हुई।
उन्होंने मार्च 2018 में कार्यभार संभाला। शुरूआत में तो जिले की स्थिति काफी खराब रही। आयोग की रैंकिंग में जनपद पिछड़ा रहा, लेकिन 2019 में रैंकिग में लगातार उछाल आया। अगस्त 2019 से दिसंबर तक पांच माह में जिला 93वें से पहले पायदान पर पहुंच गया। खासतौर से स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, मूलभूत सुविधाओं व कौशल विकास मिशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की बदौलत यह मुकाम हासिल हुआ। इसके अलावा वैश्विक महामारी के दौर में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार दिलाने में जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा। एक दिन में 4950 मजदूरों की संख्या बढ़ी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर टीम वर्क, विभागों के आपसी तालमेल से कार्यो को गति मिल सकी।इसे टीम वर्क का नतीजा बताया। बोले, प्रदेश की सीमा पर स्थित जनपद की चर्चा पहले बहुत कम होती थी, लेकिन नीति आयोग की ओर से अति पिछड़ा घोषित किए जाने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हुई। इसकी बदौलत आयोग की रैंकिग में जिले का क्रमश: पहला और दूसरा स्थान रहा। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ईमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि इससे एक नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे आगे काम करने की और प्रेरणा मिलेगी।