Chaitra Navratri 2023: शिव नगरी में छाया शक्ति की आराधना का उल्लास, जय माता दी और जय श्रीराम के लगे जयकारे
आज चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि है। काशी में आज शक्ति के उपासक मां सिद्धिदात्री देवी का दर्शन-पूजन करते हैं। श्रद्धालु जय माता दी का उद्घोष करते हुए देवी के दरबार में मत्था टेक कर अपनी मुरादें पूरी करने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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कण-कण शंकर की नगरी काशी में शक्ति की आराधना का उल्लास छाया हुआ है। चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर समस्त सिद्धि प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री देवी का दर्शन-पूजन किया जा रहा है। बनारस के मैदागिन के पास गोलघर के पीछे स्थित मां सिद्धिदात्री के दरबार में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। दुर्गाकुंड मंदिर में भी अनवरत कतार लगी है।
श्रद्धालु जय माता दी का उद्घोष करते हुए देवी के दरबार में मत्था टेक कर अपनी मुरादें पूरी करने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हाथों में नारियल, गुड़हल की माला, लाल चुनरी व प्रसाद लेकर भक्तों के आने का सिलसिला ब्रह्म मुहूर्त से आरंभ हुआ जो देर रात तक चलेगा।
दूसरी तरफ बीते नौ दिन से व्रत रहने वालों ने हवन-पूजन और कन्याओं को भोज करा कर अपने संकल्प की पूर्णाहुति कर रहे हैं। भक्तों ने माता के नवें स्वरूप का दर्शन किया और माता से सिद्धि, सुख, शांति और सौभाग्य की कामना की।
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मुस्लिम महिलाएं उतारेंगी श्रीराम की आरती
आज वाराणसी में राम नवमी पर भजन-गायन कार्यक्रम, सुंदरकांड का पाठ, रामचरित मानस पाठ की पूर्णाहुति और शोभायात्राएं निकलने वाली हैं। अभी तक कई कार्यक्रम और ध्वजा और शोभा यात्राएं निकलने वाली हैं। लमही के सुभाष भवन में मुस्लिम महिलाएं भगवान श्रीराम की आरती उतारेंगी। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से यह कार्यक्रम होगा।
पुराणों के अनुसार महत्व देवी सहज ही प्रसन्न होकर भक्तों को सर्व सिद्धि प्रदान करती हैं। इसलिए शास्त्रों में देवी को सिद्धिदात्री नाम से पुकारा गया। शिव महापुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण और देवी पुराण के अनुसार भगवान शिव को भी समस्त सिद्धियां माता सिद्धिदात्री की कृपा से ही प्राप्त हुई थीं। नवरात्र के अंतिम दिन दुर्गाकुंड स्थित दुर्गामंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। मंदिर खुलने के पहले से लगी कतार चढ़ते दिन के साथ बढ़ती जा रही है।