Ram Navami 2023: काशी में गंगा की लहरों पर शिव के आराध्य राम की सजेगी झांकी, राममय रात का होगा आयोजन
रामनवमी पर शिव की नगरी काशी उनके आराध्य की भक्ति में डूबेगी। कहीं रामनाम का खाता खुलेगा तो कहीं रामनाम की रात सजेगी। गंगा की लहरों से लेकर घरों तक मर्यादा पुरुषोत्तम की पूजा होगी और झांकी भी सजाई जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामनवमी पर शिव की नगरी काशी उनके आराध्य की भक्ति में डूबेगी। कहीं रामनाम का खाता खुलेगा तो कहीं रामनाम की रात सजेगी। गंगा की लहरों से लेकर घरों तक मर्यादा पुरुषोत्तम की पूजा होगी और झांकी भी सजाई जाएगी। रामनवमी पर मंदिरों में भी विधि-विधान से अनुष्ठान होंगे।
पंचक्रोशी, अंतरगृही, द्वादश ज्योतिर्लिंग की परिक्रमा वाले शहर बनारस में गंगा की लहरों पर गुरुवार को रामकथा मंदाकिनी शोभायात्रा सजाई जाएगी। शाम को तुलसीघाट से रामकथा मंदाकिनी यात्रा आरंभ होगी। संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना करेंगे। भैंसासुर घाट पर सांस्कृतिक आयोजन होंगे।
शोभायात्रा में भगवान राम के जन्म के साथ ही मानस के विविध प्रसंगों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी। इसके अलावा राजेंद्र प्रसाद घाट पर राममय रात का भी आयोजन किया जाएगा। मंदिरां में रामनवमी के आयोजन की तैयारियों को देर शाम तक अंतिम रूप दिया गया। दुर्गाकुंड स्थित मणिमंदिर, खोजवां राम मंदिर, विश्वनाथ गली और विश्वनाथ धाम में रामनवमी के आयोजन होंगे।
अष्टमी पर यक्षिणी देवी के दर्शन पूजन के लिए उमड़े श्रद्धालु
नवरात्र में अष्टमी को मां यक्षिणी देवी के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं भीड़ रही। जक्खिनी स्थित मंदिर में दर्शन पूजन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर के पुजारी दीनानाथ यादव ने बताया कि इस मंदिर में यक्षिणी देवी की प्रतिमा स्थापित है। देवी की विशेष तौर पर दक्षिण के प्रदेश में पूजा होती है। यक्षिणी माता मंदिर जक्खिनी में प्राचीन काल से ही स्थापित है।