{"_id":"62684136346d7e581042e1df","slug":"chairs-and-tables-will-be-made-from-station-waste-varanasi-news-vns6504582115","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेशन के कूड़े से बनेंगे कुर्सी और टेबल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेशन के कूड़े से बनेंगे कुर्सी और टेबल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और प्लेटफार्मों से निकलने वाले कूड़े और दूषित जल को रिसाइकल कर उपयोग में लाने की योजना जल्द ही मूर्त रूप लेने वाली है। गीले कूड़े से खाद और सूखे प्लास्टिक कूड़े से कुर्सी और टेबल बनाने की योजना है। जीरो वेस्ट प्रबंधन योजना के तहत स्टेशन प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी गई है। मुख्यालय ने योजना स्वीकृत कर दी है।
मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एफआरएफ) तकनीक के तहत कूड़े को दो भागाें में बांटा जाएगा। इसमें जर्मन तकनीक का सहयोग लिया जाएगा। कूड़ों का निस्तारण कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। जबकि दूषित जल के संचयन के बाद उसे रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा।
ट्रैक के आसपास होगी हरियाली
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जापान की मियावाकी पद्धति से कैंट स्टेशन से फुलवरिया रेलवे फाटक तक ट्रैक के आसपास पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जाएगी। पौधरोपण के साथ उनकी देखरेख का भी पूरा प्रबंध होगा।
विज्ञापन
रिसाइकल पानी से होगी ट्रेनों की धुलाई
पानी पीने से ज्यादा अन्य कार्यों में बर्बाद हो जाता है। रेलवे प्रशासन द्वारा दूषित जल के संचयन और रिसाइकल करने के बाद उपयोग में लाने के योग्य बनाया जाएगा। जिससे ट्रेनों और प्लेटफार्मों की धुलाई आदि का कार्य किया जा सके।
जीरो वेस्ट प्रबंधन के तहत स्टेशन पर कूड़ों और उपयोग हो चुके पानी को रिसाइकल कर उसे दोबारा उपयोगी बनाने की योजना है। जो रेलवे मुख्यालय द्वारा प्रस्तावित है। इसे जल्द ही शुरू किया जाना है। - आनंद मोहन, निदेशक, कैंट रेलवे स्टेशन
विज्ञापन
मैटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एफआरएफ) तकनीक के तहत कूड़े को दो भागाें में बांटा जाएगा। इसमें जर्मन तकनीक का सहयोग लिया जाएगा। कूड़ों का निस्तारण कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। जबकि दूषित जल के संचयन के बाद उसे रिसाइकल कर उपयोग में लाया जाएगा।
विज्ञापन
ट्रैक के आसपास होगी हरियाली
पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए जापान की मियावाकी पद्धति से कैंट स्टेशन से फुलवरिया रेलवे फाटक तक ट्रैक के आसपास पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाई जाएगी। पौधरोपण के साथ उनकी देखरेख का भी पूरा प्रबंध होगा।
विज्ञापन
रिसाइकल पानी से होगी ट्रेनों की धुलाई
पानी पीने से ज्यादा अन्य कार्यों में बर्बाद हो जाता है। रेलवे प्रशासन द्वारा दूषित जल के संचयन और रिसाइकल करने के बाद उपयोग में लाने के योग्य बनाया जाएगा। जिससे ट्रेनों और प्लेटफार्मों की धुलाई आदि का कार्य किया जा सके।
जीरो वेस्ट प्रबंधन के तहत स्टेशन पर कूड़ों और उपयोग हो चुके पानी को रिसाइकल कर उसे दोबारा उपयोगी बनाने की योजना है। जो रेलवे मुख्यालय द्वारा प्रस्तावित है। इसे जल्द ही शुरू किया जाना है। - आनंद मोहन, निदेशक, कैंट रेलवे स्टेशन