फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Chair Professor post vacant in Subramaniam Bharti Peeth of BHU since four years

बीएचयू: तमिल संगमम में जिसकी तारीफ मंत्री-गवर्नर ने की, उसमें प्रोफेसर ही नहीं; जानें- क्या है पूरा मामला

Mon, 24 Feb 2025 05:39 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 24 Feb 2025 05:39 PM IST
सार

सुब्रमण्यम भारती के नाम पर बनी पीठ में चार साल बाद भी चेयर प्रोफेसर का पद खाली है। इस पद को भरने के लिए दो-दो बार 10.60 लाख रुपये आवंटित भी किए गए।

विज्ञापन
Chair Professor post vacant in Subramaniam Bharti Peeth of BHU since four years
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी-तमिल के सेतुबंध महाकवि सुब्रमण्यम भारती के नाम पर बनी पीठ को आज तक अपना मुखिया नहीं मिला, लेकिन संगमम में आए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और गर्वनर समेत कई मेहमान इस काम के लिए बीएचयू की पीठ थपथपा रहे हैं। 4 साल बाद भी इस पीठ पर कोई चेयर प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। 

विज्ञापन


चेयर प्रोफेसर पद के लिए दो-दो बार 10.60 लाख रुपये आवंटित भी किए गए। जबकि काशी तमिल संगमम 3.0 में आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और तमिलनाडु के गर्वनर आरएन रवि ने बीएचयू में सुब्रमण्यम भारती पीठ की जमकर तारीफ की। कहा कि बीएचयू के कला संकाय में स्थापित सुब्रमण्यम भारती चेयर के लिए बीएचयू के वीसी और सरकार की सोच को बधाई देता हूं। 
विज्ञापन


नाम न छापने की शर्त पर कई प्रोफेसरों ने यूजीसी और बीएचयू से अनुरोध किया है कि इस पद को तत्काल भरा जाए। जिससे संगमम के उद्देश्श्यों का पूरा करते हुए भारती के लेखन का भारतीय और विश्व भाषाओं में अनुवाद करने का काम हो। भारती के दार्शनिक विचारों को हिंदी भाषा के संदर्भ में प्रस्तुत किया जा सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मिली जानकारी के अनुसार, सुब्रमण्यम भारती चेयर प्रोफेसर के लिए आवंटित धनराशि से पांच शिक्षकों की संपादकीय टीम बना दी गई। इसी से भारती चेयर पर काम करने का आदेश जारी कर दिया गया। अब बीते दो साल से ये टीम ही चेयर प्रोफेसर का काम कर रही है। 

इस चेयर में एक सीट इंस्पेक्टर और एक कार्यालय सचिव पद भी भरा गया। तमिल छात्रों का मानना है कि चेयर प्रोफेसर के न होने से उत्तर और दक्षिण के साहित्यिक सेतु को नहीं बांध पाएंगे।

घोषणा के बाद यूजीसी ने भेजा था पंत्र

11 सितंबर, 2021 को गुजरात के गांधीनगर से महाकवि की जन्म शताब्दी पर इस पीठ की स्थापना की घोषणा की गई थी और देश दुनिया में काफी चर्चा का विषय भी बना था। इस घोषणा के बाद यूजीसी के माध्यम से विश्वविद्यालय को एक औपचारिक पत्र भेजा गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जब काशी तमिल संगम आयोजित हो रहा था, तो भारती पीठ पर काम करने के लिए 10 लाख 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई। यह राशि उस वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं की जा सकी। 2023-24 में फिर से 10.60 लाख रुपये का फंड आया, इसमें पांच शिक्षकों की नियुक्ति की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed