केंद्रीय जल आयोग ने चेताया: वाराणसी में आ सकती है बाढ़, कमिश्नर ने कहा - तैयारियां और तेज करें; नदियां उफान पर
Flood in UP: मंडलायुक्त ने बाढ़ संबंधी तैयारियों को लेकर मातहतों के साथ बैठक की। कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए। इसके साथ ही बाढ़ राहत शिविरों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था हो।
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Varanasi News: मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के अनुसार इस बार गंगा नदी का जलस्तर बाढ़ के उच्च स्तर के ऊपर जाने की आशंका है। इस लिहाज से हमें अपनी तैयारियां और तेज करनी होंगी।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि पूर्व से चिह्नित बाढ़ राहत शिविर के अतिरिक्त अन्य ऊंचे स्थानों को तत्काल चिह्नित कर लिया है। ऐसे बड़े भवन या विद्यालय बाढ़ राहत शिविर के रूप में चिह्नित किए जाएं तो ऊंचे स्थान पर हों। ऐसे बाढ़ राहत शिविर भी चिह्नित किए जाएं तो बाढ़ के दौरान पानी से घिर सकते हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों को बाढ़ राहत शिविर में विस्थापित कर दिया जाए। इसके लिए उन्होंने पार्षदों से सहयोग करने को कहा।
मंडलायुक्त ने कहा कि अधिकारी क्षेत्र में संभावित इलाकों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक करें और उन्हें बाढ़ राहत शिविर में लेकर आएं। मवेशियों को पशुशाला में भेजा जाए। जल पुलिस और एनडीआरएफ को निर्देश दिए कि वे निरंतर निगरानी करती रहें।
दिए आवश्यक निर्देश
नगर निगम एवं पंचायती राज विभाग सफाई के साथ साथ नियमित फॉगिंग करे। सभी बाढ़ राहत शिविर में पालीवार ड्यूटी लगाई जाए। चिकित्सा विभाग क्लोरीन, ब्लीचिंग, ओआरएस, एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता सुनिश्चित कर ले।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगवां, अस्सी घाट, सामनेघाट, मारुति नगर समेत कोनिया, सरैया, सलारपुर, नक्खीघाट, ढेलवरिया, हुकुलगंज आदि क्षेत्रों के बाढ़ राहत शिविरों में पीने के साफ पानी की व्यवस्था हो। शौचालय साफ हों। बेड, चादर, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ उचित आपूर्ति सुनिश्चित हो। जहां जरूरत हो वहां मोबाइल टॉयलेट लगवाए जाएं। बताया कि बाढ़ के दौरान 46 बाढ़ राहत शिविर क्रियाशील होंगे। इनमें शहरी क्षेत्र में 25 और ग्रामीण क्षेत्रों में 21 हैं। कम्यूनिटी किचन की उचित सफाई तथा खाद्य वितरण उचित समय पर करना सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने लाउड हेलर और सायरन को आपात स्थिति के लिए एक्टिव करने को कहा। कहा कि बाढ़ कंट्रोल नंबर पूरी तरह एक्टिव रहे और रजिस्टर मेनटेन हो। सेतु निगम तथा लोकनिर्माण विभाग को बाढ़ प्रभावित संभावित क्षेत्रों की सड़कों के साथ जिले की सभी सड़कों की मरम्मत कराने को कहा। बिजली विभाग को संबंधित क्षेत्रों में बिजली की उचित आपूर्ति की व्यवस्था करें।