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भारत बंद के दौरान हिंसा पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दिया बड़ा बयान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 04 Apr 2018 10:42 AM IST
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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एससी-एसटी एक्ट में संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुए आंदोलन और हिंसा के पीछे सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने विपक्षियों की साजिश बताई है। मंगलवार को बनारस आए गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्षियों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए आंदोलन को हवा देकर हिंसा फैलाई।
पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने हिंसा पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को भाजपा ने सम्मान दिया। कांग्रेस ने दलितों के हितों के प्रति गंभीरता बरती होती तो हालात ऐसे नहीं होते। कहा कि मोदी सरकार एससी-एसटी के अधिकारों की रक्षा के प्रति संकल्पित है।
पुनर्विचार याचिका दायर करने में केंद्र सरकार की ओर से हुई देरी के बारे में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अवकाश न होता तो चार दिन पहले ही याचिका दायर हो गई होती।
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केंद्रीय मंत्री कहा कि मोदी सरकार ने दलितों के विकास के लिए जितना कार्य किया, उतना कभी किसी सरकार ने नहीं किया। दलितों के साथ ही युवाओं और महिलाओं तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। सबका साथ, सबका विकास के अपने लक्ष्य के प्रति सरकार समर्पित है।
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पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने हिंसा पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को भाजपा ने सम्मान दिया। कांग्रेस ने दलितों के हितों के प्रति गंभीरता बरती होती तो हालात ऐसे नहीं होते। कहा कि मोदी सरकार एससी-एसटी के अधिकारों की रक्षा के प्रति संकल्पित है।
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पुनर्विचार याचिका दायर करने में केंद्र सरकार की ओर से हुई देरी के बारे में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अवकाश न होता तो चार दिन पहले ही याचिका दायर हो गई होती।
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केंद्रीय मंत्री कहा कि मोदी सरकार ने दलितों के विकास के लिए जितना कार्य किया, उतना कभी किसी सरकार ने नहीं किया। दलितों के साथ ही युवाओं और महिलाओं तक के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। सबका साथ, सबका विकास के अपने लक्ष्य के प्रति सरकार समर्पित है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने डोमरी में बांटे सोलर चरखा और ई-रिक्शा
मणिकर्णिका घाट से मंत्री नाव से खिड़किया घाट तक गए।
- फोटो : अमर उजाला
सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर कराए गए पहले चरण के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। मणिकर्णिका द्वार और गेस्ट हाउस का लोकार्पण करने के बाद मंत्री ने बिड़ला धर्मशाला में लगे हाईफ्रिक्वेंसी कैमरे का भी उद्घाटन किया। यहां चिमनी से शवदाह के लिए कुल दस प्लेटफार्म बनाए जाने हैं और उन पर पांच चिमनियां लगाई जानी हैं।
बिड़ला धर्मशाला में लगे कैमरे के जरिए घाटों तक न आ पाने वाले लोग भी अब अपने परिचितों के शवदाह की रस्मों को आनलाइन देख सकेंगे। यह सुविधा सीएसआर के तहत रूपा फाउंडेशन और सुधांशु मेहता फाउंडेशन की ओर से शुरू की गई है।
इसके पहले केंद्रीय मंत्री ने गोदौलिया पर बने स्वागत द्वार का लोकार्पण किया। मणिकर्णिका घाट से मंत्री नाव से खिड़किया घाट तक गए। वहां नाविकों को ई-बोट वितरित किया। पीएम के गोद लिए जाने वाले गांव डोमरी में मंत्री ने सोलर चरखा और ई-रिक्शा बांटे।
इसके पूर्व आशापुर में वोमेन इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को जागरूक किया। महिलाओं के विकास और रोजगार के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद एमएसएमई के अधिकारियों संग बैठक की।
बिड़ला धर्मशाला में लगे कैमरे के जरिए घाटों तक न आ पाने वाले लोग भी अब अपने परिचितों के शवदाह की रस्मों को आनलाइन देख सकेंगे। यह सुविधा सीएसआर के तहत रूपा फाउंडेशन और सुधांशु मेहता फाउंडेशन की ओर से शुरू की गई है।
इसके पहले केंद्रीय मंत्री ने गोदौलिया पर बने स्वागत द्वार का लोकार्पण किया। मणिकर्णिका घाट से मंत्री नाव से खिड़किया घाट तक गए। वहां नाविकों को ई-बोट वितरित किया। पीएम के गोद लिए जाने वाले गांव डोमरी में मंत्री ने सोलर चरखा और ई-रिक्शा बांटे।
इसके पूर्व आशापुर में वोमेन इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को जागरूक किया। महिलाओं के विकास और रोजगार के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद एमएसएमई के अधिकारियों संग बैठक की।