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गंगा पर बंद हो राजनीति, निर्मल बनाए रखना हम सब की जिम्मेदारीः फग्गन सिंह कुलस्ते

Wed, 23 Aug 2017 10:44 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 23 Aug 2017 10:44 AM IST
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central minister faggan singh kulaste says that do not politics on ganga
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते  ने कहा कि गंगा की निर्मलता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। गंगा की पवित्रता को पुर्नस्थापित करना मोदी सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में गंभीरता से काम हो रहा है लेकिन गंगा पर राजनीति बंद होनी चाहिए।
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यह मुहिम सबकी मदद से ही पूरी हो सकती है। वह मंगलवार को बीएचयू में गंगा जल के शुद्धिकरण पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
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चिकित्सा विज्ञान संस्थान बीएचयू , इंडियन कौंसिल आफ मेडिकल रिसर्च और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता भवन में गंगा में मौजूद कीटाणु खाने वाले विषाणु विषयक कांफ्रेंस में वक्ताओं ने गंगा की निर्मलता और शुद्धता पर विस्तृत चर्चा की।
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राज्य मंत्री कुलस्ते ने कहा कि गंगा तभी निर्मल और अविरल हो सकती है जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी अंतरात्मा को शुद्ध कर अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि गंगा जल में संक्रामक रोगों को ठीक करने की क्षमता है। इसमें पाए जाने वाले विषाणु मानव के लिए हानिकारक बैक्टीरिया को मारते हैं। गंगा जल के चिकित्सकीय गुण हमारे शास्त्रों में वर्णित हैं।

गंगा जल में व्याप्त चिकित्सकीय गुणों पर शोध की जरूरत

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बीएचयू में अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कहा कि गंगा जल में व्याप्त चिकित्सकीय गुणों को वैज्ञानिकता का प्रमाण देने के लिए शोध की जरूरत है। दुर्भाग्य का विषय है कि इतिहास के पन्नों में दर्ज 400 से अधिक नदियां कई कारणों से विलुप्त हो चुकी हैं।

इसमें शहरों का अनियंत्रित विकास भी एक मूल कारण है। कांफ्रेंस में महानिदेशक इंडियन कौंसिल आफ मेडिकल रिसर्च डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने भी विचार रखे। इस दौरान महानिदेशक से संस्थान में एक उच्चीकृत अनुसंधान केंद्र खोलने की मांग की गई। 
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