{"_id":"8ffb93502172c9460662398d32f26890","slug":"central-minister-arum-jetli-piyush-goyal-come-varanasi-28-march-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 को आएंगे केंद्रीय मंत्री, खीचेंगे काशी के विकास का खाका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 को आएंगे केंद्रीय मंत्री, खीचेंगे काशी के विकास का खाका
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Wed, 25 Mar 2015 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। आगामी अप्रैल माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे से पहले उनके दो कद्दावर मंत्री 28 मार्च को यहां की हकीकत देखने आ रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में जारी चर्चाओं के अनुसार वित्त मंत्री अरुण जेटली और ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल की रिपोर्ट के आधार पर देश की राजधानी नई दिल्ली में काशी के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े काशी क्षेत्र के शीर्ष नेता भी तैयारियों में जुट गए हैं।
केंद्र सरकार की मदद से काशी में रिंग रोड परियोजना, इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग के लिए टर्मिनल व बंदरगाह, हेरिटेज सिटी डेवलेपमेंट एंड आगोमेंटेशन योजना, टेंपल टाउन स्कीम, प्रसाद योजना, काशी-क्योटो समझौता, बौद्ध सर्किट का विकास, एलईडी स्ट्रीट लाइट सहित कुछ अन्य योजनाओं को मूर्त रूप लेना है। वहीं इसके पहले से केंद्र की मदद से जेएनएनयूआरएम के तहत सीवेज, पेयजल आपूर्ति और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी काम चल रहा है। जिसका लाभ कई हजार करोड़ रुपये खर्च होने और कई साल
बीतने के बाद भी काशी वासियों को नहीं मिल सका है। सूत्रों के मुताबिक मोदी कैबिनेट के दोनों शीर्ष मंत्री काशी के विकास का खाका खींचने के लिए फौरी तौर पर शहर का जायजा लेकर भाजपा के छोटे-बड़े महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। साथ ही केंद्र सरकार की मदद से चल रही पुरानी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनके भविष्य पर भी निर्णय लेंगे। हालांकि इस संबंध में भाजपा से जुड़े शीर्ष नेताओं ने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। वहीं जिला प्रशासन के साथ नगर निगम प्रशासन और वाराणसी विकास
विज्ञापन
प्राधिकरण मुस्तैदी से दोनों केंद्रीय मंत्रियों के आगमन की तैयारियों में जुट कर केंद्र सरकार से जुड़ी परियोजनाओं की फाइलें दुरुस्त करने में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि कोई दिशानिर्देश पहले से नहीं है। ऐसे में किसी भी परियोजना से जुड़ी जानकारी केंद्रीय मंत्रियों द्वारा मांगे जाने पर शर्मिदिंगी की नौबत न आए। इसी के मद्देनजर हमारी तरफ से सारी तैयारियां की जा रही हैं।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की मदद से काशी में रिंग रोड परियोजना, इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग के लिए टर्मिनल व बंदरगाह, हेरिटेज सिटी डेवलेपमेंट एंड आगोमेंटेशन योजना, टेंपल टाउन स्कीम, प्रसाद योजना, काशी-क्योटो समझौता, बौद्ध सर्किट का विकास, एलईडी स्ट्रीट लाइट सहित कुछ अन्य योजनाओं को मूर्त रूप लेना है। वहीं इसके पहले से केंद्र की मदद से जेएनएनयूआरएम के तहत सीवेज, पेयजल आपूर्ति और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी काम चल रहा है। जिसका लाभ कई हजार करोड़ रुपये खर्च होने और कई साल
विज्ञापन
बीतने के बाद भी काशी वासियों को नहीं मिल सका है। सूत्रों के मुताबिक मोदी कैबिनेट के दोनों शीर्ष मंत्री काशी के विकास का खाका खींचने के लिए फौरी तौर पर शहर का जायजा लेकर भाजपा के छोटे-बड़े महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे। साथ ही केंद्र सरकार की मदद से चल रही पुरानी परियोजनाओं की समीक्षा कर उनके भविष्य पर भी निर्णय लेंगे। हालांकि इस संबंध में भाजपा से जुड़े शीर्ष नेताओं ने कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। वहीं जिला प्रशासन के साथ नगर निगम प्रशासन और वाराणसी विकास
विज्ञापन
प्राधिकरण मुस्तैदी से दोनों केंद्रीय मंत्रियों के आगमन की तैयारियों में जुट कर केंद्र सरकार से जुड़ी परियोजनाओं की फाइलें दुरुस्त करने में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि कोई दिशानिर्देश पहले से नहीं है। ऐसे में किसी भी परियोजना से जुड़ी जानकारी केंद्रीय मंत्रियों द्वारा मांगे जाने पर शर्मिदिंगी की नौबत न आए। इसी के मद्देनजर हमारी तरफ से सारी तैयारियां की जा रही हैं।