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सुर गंगा संगीत महोत्सव में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने बहाई सुरों की गंगा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 20 May 2017 01:54 PM IST
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babul suprio
- फोटो : अमर उजाला
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अंजान के लोकप्रिय गीत खई के पान बनारस वाला/खुलि जाए बंद अकल का ताला....को बोल पर सुरों को सजाकर पार्श्व गायक केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार की रात जहां काशीवासियों को झुमाया, वहीं कहीं अलविदा ना कहना... जैसे तराने के जरिए दिलों से रिश्ता भी जोड़ा। देर रात तक उनके साथ टाउन हाल के मैदान में बच्चे, महिलाएं, युवा सभी झूमते रहे।
बाबुल सुप्रियो ने सबसे पहले मुसाफिर हूं यारों ना घर है ना ठिकाना...के बाद गोपाल दास नीरज के गीत- शोखियों में घोला जाए फूलों का शवाब...को सुरों से सजाया। इसके बाद उन्होंने सांसों को ढलने दो जरा...ये जो मोहब्बत है...कहो ना प्यार है....पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे...जैसे गीतों की प्रस्तुति की।
काशीवासियों के आग्रह पर उन्होंने जय - जय शिवशंकर...गीत भी सुनाकर सबका दिल जीत लिया। अंत में उन्होंने गीत -कभी अलविदा ना कहना... से विदा ली। मुंबई से आई पार्श्व गायिका प्रीति सेठ ने उनके साथ सुरों का जादू बिखेरा।
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प्रीति ने सबसे पहले पिया तूं... और इसके बाद -दम मारो दम...से सबका दिल जीत लिया। इनके बाद रियलिटी शो वायस आफ इंडिया के उपविजेता मल्हार कर्माकर ने अपने गीतों से संगीत प्रेमियों को बांदे रखा। स्थानीय कलाकारों में सबसे पहले राजू श्रीवास्तव ने गीत -मेरे सपनों की रानी...मै हूं झूम झूम झूम झूमरो...की प्रस्तुति की।
कमलेश एवं ज्योति ने गीत -कोरा कागज था ये मेरा ... को सुनाकर तालियां बटोरीं। शंकर नारायण ने गीत -नीले- नीले अंबर पे...रंजन एवं संयुक्ता ने -देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिला हुआ...पेश किया। शाहिद अख्तर ने पल- पल दिल के पास...की प्रस्तुति की।
विजय कुमार, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, भानु नारायण, आकाश एवं वंदना, पूजा भसक, अंजलि एवं अभिषेक, स्मृति शुक्ला ने अपने सुरों से लोगों का दिल जीत लिया। सुरगंगा थीम सांग की प्रस्तुति आबिद जमाल ने की। इससे पहले केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पत्नी के साथ भैंसासुर घाट पर गंगा आरती का भी अवलोकन किया।
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बाबुल सुप्रियो ने सबसे पहले मुसाफिर हूं यारों ना घर है ना ठिकाना...के बाद गोपाल दास नीरज के गीत- शोखियों में घोला जाए फूलों का शवाब...को सुरों से सजाया। इसके बाद उन्होंने सांसों को ढलने दो जरा...ये जो मोहब्बत है...कहो ना प्यार है....पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे...जैसे गीतों की प्रस्तुति की।
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काशीवासियों के आग्रह पर उन्होंने जय - जय शिवशंकर...गीत भी सुनाकर सबका दिल जीत लिया। अंत में उन्होंने गीत -कभी अलविदा ना कहना... से विदा ली। मुंबई से आई पार्श्व गायिका प्रीति सेठ ने उनके साथ सुरों का जादू बिखेरा।
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प्रीति ने सबसे पहले पिया तूं... और इसके बाद -दम मारो दम...से सबका दिल जीत लिया। इनके बाद रियलिटी शो वायस आफ इंडिया के उपविजेता मल्हार कर्माकर ने अपने गीतों से संगीत प्रेमियों को बांदे रखा। स्थानीय कलाकारों में सबसे पहले राजू श्रीवास्तव ने गीत -मेरे सपनों की रानी...मै हूं झूम झूम झूम झूमरो...की प्रस्तुति की।
कमलेश एवं ज्योति ने गीत -कोरा कागज था ये मेरा ... को सुनाकर तालियां बटोरीं। शंकर नारायण ने गीत -नीले- नीले अंबर पे...रंजन एवं संयुक्ता ने -देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिला हुआ...पेश किया। शाहिद अख्तर ने पल- पल दिल के पास...की प्रस्तुति की।
विजय कुमार, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, भानु नारायण, आकाश एवं वंदना, पूजा भसक, अंजलि एवं अभिषेक, स्मृति शुक्ला ने अपने सुरों से लोगों का दिल जीत लिया। सुरगंगा थीम सांग की प्रस्तुति आबिद जमाल ने की। इससे पहले केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पत्नी के साथ भैंसासुर घाट पर गंगा आरती का भी अवलोकन किया।
पीएम मोदी को पता है मेरा शौक वो नाराज नहीं होंगे
babul suprio
- फोटो : अमर उजाला
बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार की रात कहा कि पीएम के स्वच्छ भारत अभियान से सीख लेकर सिर्फ सड़कों गलियों की ही नहीं, राजनीतिक गंदगी की भी सफाई के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका असर पूरे देश में दिखने लगा है।
उन्होंने सार्वजनिक उपक्रम के क्षेत्र में भेल के प्रयासों को सराहा। गंगा तट पर बसी काशी नगरी को संगीत-कला के तीर्थ की संज्ञा दी। कहा कि गायन उनकी साधना में शामिल है। मैदागिन स्थित टाउनहाल में सुर गंगा संगीत महोत्सव के मंच पर प्रस्तुति से पहले केंद्रीय मंत्री बाबुल ने चुटीले अंदाज में यह भी कहा कि आप लोग मेरी वीडियो बनाकर दिल्ली भेज दीजिए।
जब तक वीडियो भेजेंगे तबतक प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर चले जाएंगे। वह मेरी गायकी से खुश रहते हैं और मुझे प्यार करते हैं। उन्होंने बताया कि सुर गंगा संगीत महोत्सव में प्रस्तुति के लिए उनसे जब आयोजकों ने संपर्क साधा तो वह सहर्ष तैयार हो गए।
इसलिए कि इस तीर्थभूमि पर आने की उनकी इच्छा पहले से थी। उन्होंने पीएम के संसदीय क्षेत्र में हो रहे सुरगंगा संगीत समारोह को एक उपलब्धि करार दिया। कहा कि आने वाले समय में जब काशी के लोग याद करेंगे तो तो वह दो घंटे की लगातार प्रस्तुति के लिए समय लेकर आएंगे।
उन्होंने सार्वजनिक उपक्रम के क्षेत्र में भेल के प्रयासों को सराहा। गंगा तट पर बसी काशी नगरी को संगीत-कला के तीर्थ की संज्ञा दी। कहा कि गायन उनकी साधना में शामिल है। मैदागिन स्थित टाउनहाल में सुर गंगा संगीत महोत्सव के मंच पर प्रस्तुति से पहले केंद्रीय मंत्री बाबुल ने चुटीले अंदाज में यह भी कहा कि आप लोग मेरी वीडियो बनाकर दिल्ली भेज दीजिए।
जब तक वीडियो भेजेंगे तबतक प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर चले जाएंगे। वह मेरी गायकी से खुश रहते हैं और मुझे प्यार करते हैं। उन्होंने बताया कि सुर गंगा संगीत महोत्सव में प्रस्तुति के लिए उनसे जब आयोजकों ने संपर्क साधा तो वह सहर्ष तैयार हो गए।
इसलिए कि इस तीर्थभूमि पर आने की उनकी इच्छा पहले से थी। उन्होंने पीएम के संसदीय क्षेत्र में हो रहे सुरगंगा संगीत समारोह को एक उपलब्धि करार दिया। कहा कि आने वाले समय में जब काशी के लोग याद करेंगे तो तो वह दो घंटे की लगातार प्रस्तुति के लिए समय लेकर आएंगे।